हर साल 20 अप्रैल के दिन विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। इस दिन पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। ग्लोबल वॉर्मिंग, प्रदूषण, वनोन्मूलन यानि वनों का खत्म होना आदि ऐसी चुनौतियां हैं जिनसे पृथ्वी को जूझना पड़ रहा है। पृथ्वी को लगातार हो रही क्षति का मुख्य कारण हमारा संरक्षण पर ध्यान ना देना है। इसी को केंद्र में रखते हुए इस साल पृथ्वी दिवस की थीम ‘इन्वेस्ट इन आर प्लेनेट’ है। इस थीम से व्यापारियों को सतत विकास की तरफ लाने की कोशिश की जा रही है। हम सभी अपने-अपने स्तर पृथ्वी को बचाने की कोशिश कर सकते हैं। बच्चों को हमें छोटी उम्र से ही सिखाना चाहिए कि पृथ्वी को बचाने में किस तरह छोटी-छोटी आदतें भी बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। जब भी समय मिले बच्चों के साथ घर में पौधे लगाने चाहिए या पुराने पौधों में खाद और पानी डालने का काम बच्चों को देना चाहिए। छोटे बच्चे इन कामों से खुश होते हैं और उनमें पेड़ों के प्रति प्रेम की भावना उत्पन्न होती है। बच्चों के स्कूल प्रोजेक्ट्स बनाने के लिए पुरानी चीजों को दोबारा इस्तेमाल करना सिखाएं। यह आर्ट एंड क्राफ्ट के लिए भी अच्छा है और इससे कम से कम कूड़े का पहाड़ खड़ा होता है। कूड़े का पहाड़ यानि वह कपड़े और चीजें जो धरती के बड़े हिस्से पर कूड़े के रूप में पड़ी हैं। इसलिए बच्चों को बताएं कि ट्रेंड देखकर हर दूसरे दिन नई चीजें खरीदने की पृथ्वी को कूड़ेदान बना रही है। बच्चों में इस्तेमाल ना होने पर लाइट, पंखे और एसी बंद करने की आदत डालें। पानी कितना महत्वपूर्ण है यह समझाते हुए पानी के नल बंद करना, शावर में कम नहाना, ब्रश करते समय नल खोलकर न रखना और बोतल में बचे पानी को पौधों में डालना सिखाएं। अपने पुराने खिलौनों और कपड़ों को डोनेट करने के लिए बच्चों को प्रेरित करें। बचपन में दुकान से बच्चे हर दूसरे दिन बिना काम वाले प्लास्टिक के खिलौने खरीद लाते हैं। इस आदत की सराहना ना करते हुए बच्चों को समझाया जाना चाहिए कि प्लास्टिक पृथ्वी के लिए कितनी घातक है।
बच्चों में डालें पर्यावरण संरक्षण व वातावरण साफ रखने की आदतें