नई दिल्लीः कोविड महामारी और यूक्रेन युद्ध के चलते विश्व में पैदा हुई कठिन आर्थिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पूरे विश्व में युवाओं के सामने नए अवसरों का संकट है, लेकिन भारत में सरकारी और गैर-सरकारी, दोनों ही क्षेत्रों में नई नौकरियों की संभावना लगातार बढ़ रही है। युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 लाख कर्मियों के लिए भर्ती अभियान ‘रोजगार मेला’ के तहत मंगलवार को 71,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे और कहा कि युवाओं को रोजगार देने का यह सिलसिला अनवरत जारी रहेगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी और युद्ध के संकट के बीच पूरे विश्व में युवाओं के सामने नए अवसरों का संकट है, लेकिन भारत में सरकारी और गैर-सरकारी, दोनों ही क्षेत्रों में नई नौकरियों की संभावना लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने कुल 71,056 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्रों की भौतिक प्रतियां गुजरात और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर देश के 45 स्थानों पर सौंपी गईं। इन दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया जारी है और वहां आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है। मोदी ने कहा कि बड़ी बात ये कि नए अवसर युवाओं के लिए उनके अपने शहर, अपने गांवों में बन रहे हैं। इससे युवाओं के सामने अब पलायन की मजबूरी कम हुई है और वो अपने क्षेत्र के विकास में पूरा सहयोग भी कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप्स से लेकर स्वरोजगार तक, अंतरिक्ष से लेकर ड्रोन तक, आज भारत में युवाओं के लिए चौतरफा नए अवसरों का निर्माण हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार नौकरियां उपलब्ध कराने के लिए मिशन मोड में काम रही है और पिछले एक महीने से इसी प्रकार के अभियान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही डबल इंजन की सरकार का डबल फायदा है। देश के युवाओं को रोजगार मेले के माध्यम से नियुक्त पत्र देने का ये अभियान ऐसे ही अनवरत जारी रहेगा। ज्ञात हो कि  ‘डबल इंजन’ की सरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनाव प्रचार अभियान का प्रमुख मुद्दा है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इसे जोर शोर से उठाया भी है। मोदी ने कहा कि राजग शासित राज्यों में सिर्फ पिछले एक महीने के भीतर हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में सिर्फ महाराष्ट्र और गुजरात ने हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे हैं। कुछ दिन पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार ने भी नियुक्ति पत्र सौंपे। जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दादरा और नागर हवेली, दमन और दीव, चंडीगढ़ में भी रोजगार मेले का आयोजन किया गया और युवाओं को नौकरियां दी गईं। उन्होंने कहा कि गोवा और त्रिपुरा भी ऐसे रोजगार मेलों का आयोजन करने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि युवाओं की प्रतिभा और उनकी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में ज्यादा से ज्यादा उपयोग में आए, इसे केंद्र सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। कोरोना वैश्विक महामारी और यूक्रेन-रूस युद्ध का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि पूरे विश्व में युवाओं के सामने नए अवसरों का संकट है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ ये कह रहे हैं कि भारत के पास अपनी आर्थिक सामर्थ्य दिखाने और नए अवसरों को बढ़ाने का एक स्वर्णिम मौका है। उन्होंने कहा कि आज भारत सर्विस एक्सपोर्ट्स के मामले में विश्व की बड़ी महाशक्ति बन गया है और अब तो विशेषज्ञ भी भरोसा जता रहे हैं कि भारत विनिर्माण के क्षेत्र में विश्व का पावर हाउस बनेगा। मोदी ने कहा कि इसमें प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) जैसी योजनाओं की बड़ी भूमिका होगी। लेकिन इसका मुख्य आधार भारत का कौशल युक्त युवा ही होगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ पीएलआई योजना में ही देश में 60 लाख नए रोजगार का सृजन होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान हो, वोकल फॉर लोकल हो, लोकल को ग्लोबल ले जाने का अभियान हो, ये सभी योजनाएं देश में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बना रही हैं।