जोरहाट : भारतीय वायुसेना के हैवी-लिफ्ट हेलीकॉप्टर चिनूक ने एक रिकॉर्ड यात्रा की है। एयरफोर्स के चंड़ीगढ़ एयरबेस से उड़ान भरी। साढ़े सात घंटे में 1910 किलोमीटर की दूरी तय की। इसके बाद यह असम के जोरहाट एयरबेस पर उतरा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह किसी भारतीय हेलिकॉप्टर की इतने कम समय की पहली इतनी लंबी उड़ान थी। यह एक रिकॉर्ड है। चिनूक इससे पहले अप्रैल में भी इसी रूट पर लंबी उड़ान भर चुका है, लेकिन उस समय थोड़ा ज्यादा समय लगा था। दोनों ही बार हेलीकॉप्टर ने बिना रुके लगातार उड़ान भरी। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह उड़ान वायुसेना के सामंजस्य और हिम्मत को दर्शाती है। साथ ही वायुसेना की तीव्र कार्यप्रणाली और तेजी से कहीं भी अपने जवानों को भेजने की क्षमता को भी प्रदर्शित करती है। इसता इस्तेमाल आपदा, राहत एवं बचाव के साथ-साथ युद्धक्षेत्रों में हथियार, टैंक, रसद और सैनिक पहुंचाने के लिए होता है। इन हेलीकॉप्टरों को मोदी सरकार ने साल 2015 में अमरीका से एक डील के तहत खरीदा था। चिनूक हेलीकॉप्टरों ने लद्दाख में चीन के साथ चल रहे विवाद के समय महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यग हेलीकॉप्टर चंडीगढ़ एयरबेस पर तैनात हैं। ये अपने साथ 11 टन वजन या 45  फुली लोडेड जवानों को ढो सकता है।