सिरसा निवासी पर्यावरण प्रेमी रमेश गोयल ने जल संरक्षण के बाद पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए आमजन को थैली छोड़ थैला बनाने का संदेश दिया। वर्ष 2021 में पर्यावरण प्रेरणा नाम से संस्था का गठन कर लोगों को जूट के थैले वितरित किए ताकि वह बाजारों में खरीदारी करते समय पालिथीन के स्थान पर थैले ले लेकर जाएं। उनके इस अभियान को काफी सफलता भी मिली है। विभिन्न संस्थाएं भी उनके इस अभियान में सहयोगी हुई हैं यहां तक कि मुख्य बाजारों में सब्जी इत्यादि की रेहड़ी लगाने वाले भी उनके अभियान का हिस्सा बने और लोगों को पालिथीन की जगह कपड़े के थैले यूज करने का संदेश दिया। पर्यावरण प्रेमी रमेश गोयल का कहना है कि पालिथीन पर्यावरण प्रदूषण की दिशा में एक समस्या पैदा करता है यह कई सालों तक नहीं गलता है जिस कारण धरती की उर्वरा शक्ति को प्रभावित करता है।  पूर्व में रखे एजेंडों में से कई आज तक नहीं हुए पूरे जिससे कई पार्षदों में विरोध के स्वर मुखर। वर्ष 2021 में रमेश गोयल ने पर्यावरण प्रेरणा के नाम से संस्था का गठन किया था। उनकी संस्था से देश के विभिन्न राज्यों के सैकड़ों लोग जुड़े हुए हैं जो लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। रमेश गोयल शकूर कॉलेज इत्यादि शिक्षण संस्थानों में जाकर भी युवा पीढ़ी को पर्यावरण बचाने वह जल संरक्षण की दिशा में आगे आने का संदेश देते हैं।  जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार से सम्मानितः भारत विकास परिषद के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री पर्यावरण तथा पर्यावरण प्रेरणा के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश गोयल द्वारा 108 चौपाइयों युक्त रचित जल मनका, जो जल संरक्षण का पूरा संदेश है, का विमोचन ली मेरिडियन होटल दिल्ली में पांचजन्य समूह द्वारा आयोजित पंचतत्व कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किया गया। उल्लेखनीय है कि  गोयल देश भर में पिछले 14 वर्षों से निरंतर जल संरक्षण अभियान चलाए हुए हैं।