पटना : जदयू में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 27 नवंबर को निर्धारित है, जबकि राष्ट्रीय अध्य्क्ष के लिए चुनाव 11 दिसंबर को होना तय हुआ है। जदयू के अंदर राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को ध्यान में रखकर पार्टी कई बड़े बदलाव कर सकती है। ये भी उम्मीद जताई जा रही है कि कई पदों पर चेहरे बदल सकते हैं। अब तक चल रहे नामों में ललन सिंह और उमेश कुशवाहा का नाम तूल पकड़ रहा है। इस बात की संभावना भी जताई जा रही है कि प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह को रिप्लेस कर सकते है। एक उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह एक बार फिर से राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं। हालांकि इन सभी सवालों और संभावनाओं पर जदयू के सुप्रीमो और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का फैसला अंतिम होगा। पिछली बार की तरह इस बार नीतीश कुमार फिर से नए नाम के साथ सबको चौंका सकते हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार आगामी 2024 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेंगे। राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष के चयन में पार्टी जातीय समीकरण का भी ध्यान रखेगी और अब तक जिस हिसाब से जातीय समीकरण के आधार पर पार्टी में प्रमुख पदों का बंटवारा किया गया था उस फॉर्मूले को फिर से अपनाया जा सकता है। वर्तमान में जदयू में जो चेहरे कमान संभाले हुए हैं उनमें से ज्यादातर जातीय समीकरण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं। जदयू बिहार के जातीय समीकरण के आधार पर ही अबतक पार्टी में प्रमुख पदों पर नेताओं को कमान सौंपती रही है। बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के सुप्रीमो कुर्मी जातीय से हैं वहीं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भूमिहार हैं। जबकि बिहार प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा दोनों ही कुशवाहा समाज से आते हैं। जदयू के वोट बैंक के लिहाज से नीतीश कुमार ने लव-कुश समीकरण के आधार पर ही पार्टी में प्रमुख पदों पर नेताओं को कमान सौंपी थी। इस बार भी इस वोटबैंक समीकरण पर ही नीतीश कुमार अमल कर सकते हैं। कुर्मी-कुशवाहा-कोयरी गठजोड़ पर नीतीश और जदयू की राजनीतिक पारी अबतक मजबूती और सामंजस्य से चलती रही है। वहीं ललन सिंह के चलते भूमिहार जाति के लोगों का भी नीतीश कुमार समर्थन पाते रहे हैं। इसी कारण से नीतीश ने पार्टी के प्रमुख पदों पर कुशवाहा, कुर्मी और भूमिहार जाति के लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे रखी है।
जेडीयू अध्यक्ष चुनाव : फिर बनेंगे ललन सिंह या रिप्लेस करेंगे उमेश कुशवाहा, चौंकाएंगे नीतीश