फोरबिएसी परिवार का यह पौधा इनडोर प्लांट के रूप में खासा लोकप्रिय है। क्रोटन की उत्पत्ति मलेशिया से हुई है। इसका वैज्ञानिक नाम कोडियाम है। यह पौधा मलेशिया के अलावा इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी प्रशांत महासागर के द्वीपों में काफी पाया जाता है। क्रोटन के पौधे की पत्तियां कई रंगों और अलग-अलग आकार की होती हैं। लाल, हरा, पीला विभिन्न मोहक रंगों के कारण यह पौधा बेहद आकर्षक दिखता है। ऐसा माना जाता है कि इन्हें बेडरूम में रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। क्रोटन के पौधे में हवा को शुद्ध करने की अद्भुत क्षमता होती है और यह हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों को सोख लेता है। क्रोटन की विविधता को निर्धारित करना आसान नहीं है। इसकी पत्तियां उम्र बढऩे के साथ अपना रंग बदलती हैं। नई पत्तियां मुख्य रूप से पीले व हरे रंग की होती हैं और वयस्क लाल व गुलाबी में बदल जाती हैं। क्रोटन के पेड़ लगभग 6 मीटर (20 फीट) की ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं। पौधे चमकीले रंग, चमकदार, चमड़े जैसी पत्तियों के साथ सदाबहार होते हैं।
हवा से हानिकारक तत्वों को सोख लेता है रंग-बिरंगी पत्तियों वाला क्रोटन