पटनाः बिहार के लिए रविवार को ऐतिहासिक दिन रहा। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लगातार प्रयास से पतित पावनी गंगा का जल आखिरकार अपने मूल मार्ग से सौ किलोमीटर दूर और लगातार ऊंचाई पर चढ़ते हुए राजगीर तक आ पहुंचा है। इससे नालंदा जिले के लोगों को सालों भर पीने के लिए पर्याप्त जल मिल सकेगा। रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना का लोकार्पण किया। हर घर गंगा जल आपूर्ति योजना की शुरूआत के मौके पर नीतीश ने कहा कि अब एक ही काम बचा है। जरासंध के अखाड़े के पास जरासंध स्मारक बनवाया जाएगा। इससे पर्यटकों का ज्ञानवर्धन होगा। नीतीश ने कहा कि अब कोई चीज नहीं बची है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर कन्वेशन सेंटर की देशभर में चर्चा हुई। नेचर सफारी, जू सफारी, घोड़ा कटोरा से लेकर कई काम राजगीर के लिए किए। किसी को जाने-आने में समस्या न हो इसके लिए भी सुविधा दी गई। पर्यटन के लिहाजा से लगातार काम किया जा रहा है। नीतीश ने कहा कि गंगा की धार यहां आने से लोगों को काफी सुविधा होगी। हर तरह की जरूरतों के लिए जल घर तक उपलब्ध होगा। एक व्यक्ति को 135 लीटर पानी घर पर ही मिल जाएगा। नीतीश कुमार ने कहा कि अब राजगीर के लोगों को गंगा जल मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना पर वो बहुत पहले से काम कर रहे थे। गंगा जल आपूर्ति योजना के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तुलना राजा भगीरथ से की जा रही है। दरअसल, राजगीर में करीब सौ किलोमीटर दूर से गंगा का जल लाया गया है। यह इलाका अपेक्षाकृत ऊंचा और पहाड़ी है, जहां पेयजल की समस्या का सामना लोगों को करना पड़ता है । बिहार सरकार के जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में दिसंबर 2019 में गया में हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में अतिमहत्वाकांक्षी गंगाजल आपूर्ति योजना को मंजूरी दी गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जल संसाधन विभाग ने तत्परता से काम करते हुए इतनी बड़ी योजना को कोरोना काल की चुनौतियों के बावजूद 3 साल से कम समय पूरा करवा दिया ।
बिहार के लिए ऐतिहासिक क्षण बुद्ध की भूमि पर उतरी गंगा की धार