शिलांग : मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने मंगलवार को कहा कि 22 नवंबर को मुकरोह गांव में हुई हिंसा में छह लोगों की मौत के बाद सीमा विवाद को सुलझाने के लिए असम और मेघालय के बीच दूसरे दौर की वार्ता प्रक्रिया थोड़ी जटिल हो गई है। असम और मेघालय ने अंतर-राज्यीय सीमा से लगे 12 विवादित क्षेत्रों की पहचान की है। जुलाई 2021 में पहले दौर की चर्चा शुरू करने वाले पूर्वोत्तर के दोनों राज्यों ने इस साल मार्च में छह क्षेत्रों में मतभेदों को दूर करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। संगमा ने यहां कहा कि स्थिति (सीमा वार्ता के लिए) थोड़ी जटिल है और हम तुरंत आगे बढ़ने में समर्थ नहीं हैं। इसमें देरी हो सकती है। अंतर-राज्यीय सीमा से लगे विवादित ब्लॉक-एक क्षेत्र में पड़ने वाले मुकरोह गांव में हुई हिंसा के परिणामस्वरूप राज्य की राजधानी शिलांग और खासी जयंतिया हिल्स क्षेत्र के छह जिलों में झड़पें हुईं। शेष छह विवादित क्षेत्रों में मतभेदों को दूर करने के लिए दूसरे चरण की वार्ता की प्रक्रिया शुरू की गई और क्षेत्रीय समितियों का भी गठन किया गया है। मेघालय के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम दृढ़ता से महसूस करते हैं कि अंतर-राज्यीय सीमा पर मतभेदों को सुलझाने में आगे बढ़ने का यही तरीका है। सितंबर में मेघालय सरकार ने इस मुद्दे पर गौर करने के लिए तीन क्षेत्रीय समितियों का गठन किया और इन समितियों को शेष छह क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति पर 45 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा। पूर्वोत्तर के दोनों राज्यों के बीच शेष छह विवादित इलाके वेस्ट जयंतिया हिल्स जिले के ब्लॉक- एक, री-भोई में ब्लॉक- दो और पश्चिम खासी में लंगपीह में हैं।
असम-मेघालय हिंसा : अब सीमा वार्ता की प्रक्रिया हुई जटिल : कोनराड