गुवाहाटी : पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (पूसीआर) के महाप्रबंधक अंशुल गुप्ता ने दावा किया कि 2024 तक पूर्वोत्तर राज्यों की सभी राजधानी तक रेलवे सेवा पहुंच जाएगी। इसके लिए एनएफआर की ओर से काफी तेजी के साथ काम किया जा रहा है। पूर्वांचल प्रहरी के साथ बातचीत के दौरान पूसी रेलवे के जीएम गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने के बाद पूर्वोत्तर राज्यों को रेलवे सेवा से जोड़ने का काम काफी तेजी से किया जा रहा है, वहीं वर्षों की आधी-अधूरी योजनाओं को भी पूरा करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूसी रेलवे जिस तेजी के साथ रेलवे सेवा का विस्तार कर रहा, उससे साफ है कि आगामी 2024 तक पूर्वोत्तर की सभी राजधानी शहर तक रेलवे की लाइन पहुंच जाएगी। गुप्ता ने कहा कि 2023 तक अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और मणिपुर के अलावा अन्य क्षेत्रों तक किए जा रहे कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। इस क्षेत्र के लोग रेलवे सेवा का आनंद उठा सकेंगें। गुप्ता का कहना है कि भौगोलिक दृष्टिकोण से पूरे पूर्वोत्तर में रेलवे लाइन का जाल बिछाना बड़ी चुनौती भरा काम है, लेकिन पूसी रेलवे ने इन चुनौतियों का सामना करते हुए हर विपरीत परिस्थितियों में अपनी सफलता का परचम लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि कोहिमा तक रेलवे लाइन का काम किया जा रहा है और इस कार्य को अगले वर्ष तक पूरा होने की पूर्ण संभावना है। उन्होंने कहा कि सेना की सुविधा और सीमाई इलाके के लोगों के विकास को ध्यान में रखकर परशुराम कुंड, तवांग के अलावा भारत और चीन के अंतर्राष्ट्रीय सीमाई क्षेत्रों में रेलवे के काम शुरू करने के मद्देनजर सर्वे हो चुका है। इन इलाकों में रेलवे का कार्य शुरू होने तथा परियोजनाओं को पूरा होने के बाद जहां स्थानीय लोगों को यातायात की सुविधा होगी,वहीं दूसरी ओर सेना और पयर्टन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। पूसी रेलवे के महाप्रबंधक ने कहा कि भारत को पूर्वोत्तर के जरिए पड़ोसी बांग्लादेश से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। वहीं भूटान, नेपाल के विराट नगर की ओर सर्वे का काम किया गया है। इन योजनाओं को शुरू करने के लिए जरूरी कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में 15000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के 60 फीसद कार्य पूरे हो गए हैं, बचे हुए कार्य को 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही 8000 करोड़ रुपए का कार्य नए सिरे से शुरू किए जाएंगे, जो 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में पूर्वोत्तर के लोगों को पूसी रेलवे एक के बाद एक सौगात देने की दिशा में काम कर रहा है। गुप्ता ने बारिश के दौरान हाफलांग रेलवे स्टेशन पर पहाड़ का मलवा गिरने की घटना पर कहा कि वह प्राकृृतिक आपदा थी। प्रकृृति के आगे किसी का जोर नहीं चलता है। हालांकि बारिश रूकने के साथ ही स्टेशन से युद्ध स्तर पर सफाई की गई और चंद दिनों के भीतर बराक लाइन पर फिर से रेलवे सेवा बहाल की गई थी।
2024 तक पूर्वोत्तर की सभी राजधानियों तक पहुंच जाएगी रेल सेवा : अंशुल गुप्ता