रामपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि पिछले पांच वर्षों में रामपुर से सबसे अधिक चुनाव और उपचुनाव झेला है। पहले जनता से समर्थन लेना, फिर से इस्तीफा दे देना। बार-बार चुनाव होना यह रामपुर के विकास को बाधित कर रहा है। बार-बार के चुनाव से मुक्ति पाइए, रामपुर को विकास के पथ पर ले जाइए। सीएम बिना नाम लिए आजम खां पर निशाना साधते हुए कहा कि बदजुबानी दुर्गति कराती है, वक्त सबको सुधार देता है। रामपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सीएम योगी शुक्रवार को अजीतपुर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने, यहां के हस्तशिल्पियों द्वारा रामपुरी चाकू, वायलिन व जरी जरदोजी के माध्यम से रामपुर की वैश्विक पहचान रही। किन लोगों ने रामपुर की इस पहचान को समाप्त किया। रामपुर चंद अवसरवादी चेहरों में घिरकर तड़पता दिख रहा था, लेकिन साढ़े आठ वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र व साढ़े पां वर्ष में भाजपा सरकार को आपने कार्य करते देखा। कोई नहीं कह सकता कि चेहरा देखकर शासन की योजनाओं का लाभ दिया गया हो। जब हमने कोई भेदभाव नहीं किया तो आप भी वोट देते वक्त कोई भेदभाव मत कीजिए। सीएम ने विश्वास जताते हुए कहा कि यह तो तय है कि केंद्र में मोदी और यूपी में भाजपा की सरकार रहनी है। आपने सांसद भाजपा का जिताया, विधायक भी भाजपा का भेजेंगे तो रामपुर उन लोगों के हाथों में नहीं होगा, जो 200 पुराने मदरसे को बंद कर अपनी जागीर बनाते थे। पांडुलिपियों को चोरी कराते थे। रामपुर की धरोहर को नष्ट किया गया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जिस सिटी मांटेसरी में ठहरते थे, उस पर कब्जे का प्रयास हुआ। सपा ने यहां के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज पर कब्जा किया। स्कूल पढ़ने और मदरसे तालीम देने के माध्यम होते हैं। पांडुलिपियां धरोहर होती हैं, लेकिन कुछ लोग इसे अपनी बपौती समझने लगे। हमारी सरकार ने कहा कि पांडुलिपियों को संरक्षित करना चाहिए। हम सिटी मांटेसरी, राजकीय इंटर कॉलेज में किसी को कब्जा नहीं करने देंगे। यदि सरकारी पैसे से गेस्ट हाउस बना है उसका उपयोग सरकारी कार्य के लिए ही होगा। लोकतंत्र में सिर्फ जनता ही जनार्दन होती है। उन्होंने कहा कि सपा के एक नेता लगातार कह रहे हैं कि उनके साथ अन्याय हुआ। यह गुमराह करने वाला वक्तव्य है। व्यक्ति के कारनामे उनके कार्यों की सजा दे रही है। निर्णय न्यायालय दे रही तो सरकार व पार्टी पर दोषारोपण ठीक नहीं है।