वॉशिंगटन : अमरीका ने धार्मिक आजादी का उल्लंघन करने वाले 10 देशों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें पाकिस्तान, चीन और रूस भी शामिल है। इन देशों को कंट्रीस ऑफ पर्टिकुलर कंसर्न की लिस्ट में डाला गया है। अमरीकी विदेश विभाग के मुताबिक, चीन, क्यूबा, इरिट्रिया, ईरान, निकारागुआ, नॉर्थ कोरिया, पाकिस्तान, रूस, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान में धार्मिक आजादी नहीं मिलने की समस्या चिंता की बात है। ये देश धर्म के आधार पर भेदभाव और जुल्म रोक नहीं पा रहे हैं। अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा- अमरीका दुनिया भर में धर्म के आधार पर होने वाले जुल्म को खत्म करने के लिए काम जारी रखेगा। अमरीका कट्टर विचारों के चलते होने वाले जुल्म को रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाएगा। ब्लिंकन ने कहा- दुनिया में कहीं भी किसी भी व्यक्ति को उसके धर्म के मुताबिक जीने का हक दिलाने में मददगार होगा। अमेरिका की नजर कुछ इस्लामिक कट्टर संगठन हैं। ऐसे 10 संगठनों को ऐसी लिस्ट में डाला है जिनसे चिंतित होने की जरूरत है। इसमें अल-शबाब, बोको हराम, हयात तहरीर अल-शाम, हौथी, आईएसआईएस-ग्रेटर सहारा, आईएसआईएस-वेस्ट अफ्रीका, जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमिन, तालिबान और वैगनर ग्रूप का नाम शामिल है। ब्लिंकन ने कहा- अल्जीरिया, सेंट्रल अफ्रीकी रिपब्लिक, कोमोरोस और वियतनाम को स्पेशल वॉच लिस्ट में रखा गया है। इन्हें इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम एक्ट 1998 के तहत इस लिस्ट में शामिल किया गया है। इन देशों ने धार्मिक भेदभाव रोकने के लिए अच्छा काम किया है, इसलिए इनका स्पेशल वॉच लिस्ट में लिया गया है।
अमरीका ने पाक-चीन को धार्मिक स्वतंत्रता के लिए बताया खतरा