गुवाहाटी : असम के विकास की यात्रा को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अपनाया गया विकास के लिए एक पखवाड़ा कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। बंगाईगांव जिले में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर मुख्यमंत्री ने बंगाईगांव जिले में 693.29 करोड़ रुपए की कई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। गौरतलब है कि 19 दिसंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में राज्य के 11 जिलों को कवर करने वाली कुल 15,000 करोड़ रुपए की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया जाएगा। विकास के लिए पखवाड़े के कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने सोमवार को बंगाईगांव जिले के नॉर्थ बंगाईगांव स्टेडियम मैदान में आयोजित समारोह में 200 बिस्तरों वाले बंगाईंगांव मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का शिलान्यास किया। इस परियोजना में मौजूदा 200 बिस्तरों वाला सिविल अस्पताल सहित माझगाँव पॉइंट-आर और बर्षापाड़ा गाँव के 151 बीघा 3 कत्था 4 लेचा भूमि क्षेत्र में यह मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाया जाएगा। परियोजना के लिए 61,067.41 लाख रुपए निर्धारित किए गए हैं और 36 महीने के भीतर यह पूरा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बंगाईगांव राजस्व मंडल के जेलेकाझार गांव में बंगाईगांव जिले के एकीकृत आयुक्त कार्यालय की आधारशिला भी रखी। एकीकृत आयुक्त का कार्यालय 30 महीने के भीतर पूरा हो जाने की उम्मीद है। इस परियोजना की लागत 4978.78 लाख रुपए है। सीएम ने बंगाईगांव के विसर्जन घाट पर महाराजा नर नारायण की एक प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने जनता को स्वस्थ वातावरण में चलने की सुविधा के लिए 625.67 लाख रुपए की आवंटित निधि के साथ वॉकिंग जोन के निर्माण की आधारशिला भी रखी। इस परियोजना में 668 मीटर का पैदल क्षेत्र, 18 मीटर का स्टील ब्रिज, एक म्यूजिकल फाउंटेन भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने बंगाईगांव पॉलीटेक्निक एवं बंगाईगांव औद्योगिक संस्थान की कार्यशाला एवं तकनीकी प्रयोगशाला का भी शिलान्यास किया। इस प्रोजेक्ट पर 374 लाख रुपए खर्च होंगे। मुख्यमंत्री ने बंगाईगांव का प्रस्तावित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में नया कांफ्रेंस हॉल और कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आधारशिला भी रखी। इस परियोजना के लिए 1794.12 लाख रुपए निर्धारित किया गया। मुख्यमंत्री ने आज 439.56 लाख रुपए की लागत से निर्मित सृजनग्राम मॉडल अस्पताल का भी लोकार्पण किया। इस मॉडल अस्पताल का निर्माण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, असम के तहत किया गया और यह सृजनग्राम में बड़ी संख्या में लोगों की सेवा करेगा। इस अस्पताल के बनने से बरहौला क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने अभयापुरी के लालमाटी स्थित श्रीश्री गणेश मंदिर के भोगगृह का भी उद्घाटन किया। वर्ष 2019-20 के लिए अनिर्दिष्ट निधि के तहत 50 लाख रुपए की लागत से आवास हॉल का निर्माण किया गया। मुख्यमंत्री ने बंगाइगांव जिले के अपने दौरे के दौरान नयागांव जिले के पगलास्थान में नवनिर्मित श्रीश्री शिव मंदिर का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने संत सृजनग्राम में श्रीश्री रघुनाथ विग्रह मंदिर (सत्र) का भी दौरा किया और मंदिर के परिसर में सौर ऊर्जा से चलने वाली रोशनी, एक थिएटर और एक गेस्ट हाउस की स्थापना की भी घोषणा की। सीएम ने  बंगाइगांव जिले के दौरे के दौरान बरपेटा जिले और अभयापुरी को जोड़ने वाली आई नदी पर बने पुल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पुल निर्माण और अन्य सहायक कार्यों के लिए अपने स्वयं के कोष से 29 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री ने आज बंगाईगांव जिले में कुल 693.29 करोड़ रुपए की लागत की परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले चरण में जिले के विकास के लिए कई योजनाएं लेकर आएगी। मुख्यमंत्री ने योगीघोपा के कबैतारी में राज्य सरकार और जनता द्वारा तोड़ा गया मदरसा का भी दौरा किया और क्षेत्र के लोगों के साथ बातचीत की। जनता से विचारों के आदान-प्रदान के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर लोगों ने अनुमति दी तो राज्य सरकार मदरसे के स्थान पर एक आदर्श शिक्षण संस्थान स्थापित करेगी। संस्थान क्षेत्र से उपयुक्त मानव संसाधन बनाने में मदद करने के लिए प्राथमिक से बारहवीं कक्षा तक शिक्षा प्रदान करेगा। दूसरी ओर एक जनसभा को संबोधित किया।  मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान एआईयूडीएफ प्रमुख अजमल पर पलटवार करते हुए कहा कि  हाल ही में  बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि महिलाओं  से जितनी हो सके उतनी संतान जन्म दे, परंतु मेरा कहना है कि अगर महिलाएं ज्यादा बच्चे पैदा करती हैं तो बच्चों के लालन- पालन का  खर्च अजमल को उठाना होगा। अगर अजमल खर्च नहीं दे सकते तो हमारे माता-बहनों से इस तरह बोलने का कोई अधिकार नहीं है । अगर अजमल खर्च देते हैं तो में महिलाओं को कहूंगा कि वे दस- बारह बच्चे को जन्म दें। बच्चों का जन्म होगा लेकिन  वे स्कूल नहीं जा सकेंगे। मां का शरीर कमजोर होगा, बच्चे का शरीर कमजोर होगा, क्या अजमल देश भारत में असम की यही छवि पेश करना चाहते हैं। इसलिए मैं मुसलमान महिलाओं से निवेदन करना  चाहता हूं कि आपलोग उतने ही बच्चे को जन्म दें जितनों को आप डाक्टर या इंजीनियर बना सकें। इतने बच्चों को जन्म ना दे जो हमरे समाज  को नष्ट और ध्वंस कर दे। अजमल कह रहे हैं कि बच्चे को जन्म देना चाहिए, हिंदू महिलाएं देरी से बच्चे को जन्म देती हैं, परंतु मुस्लिम महिला जल्द ही बच्चे देती हैं ।