जयपुर : राजस्थान कांग्रेस के नया प्रभारी मिल गया है। पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा को राजस्थान का प्रभारी बनाया है। गहलोत और पायलट के बीच टकराव को देखते हुए प्रदेश में पार्टी को एकजुट रखना और दोनों कैंप के नेताओं को साधने की सबसे बड़ी चुनौती है। क्योंकि रंधावा से पहले अविनाश पांडेय और अजय माकन राजस्थान की राजनीति के शिकार हो गए थे। अजय माकन ने इस्तीफा दे दिया था, जबकि अविनाश पांडेय को राजस्थान से हटाकर झारखंड का प्रभार दे दिया गया। ऐसे में राजस्थान विधानसभा चुनवा से पहले रंधावा के सामने दोनों कैंप के नेताओं के बीच होने वाले टकराव को रोकने की रहेगी। कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा आज रात कोटा पहुंचेंगे। भारत जोड़ो यात्रा में कोटा में होंगे शामिल। चंडीगढ़ एयरपोर्ट से इंडिगो की फ्लाइट से जयपुर के लिए होंगे रवाना। रात 9ः45 बजे पहुंचेंगे। कोटा में सीएम गहलोत और राहुल गांधी से मिलने का कार्यक्रम है। प्रभारी बनने के बाद पहली बार रंधावा जयपुर आ रहे हैं। पंजाब के कांग्रेस नेता रंधावा को प्रियंका गांधी का करीबी माना जाता है। रंधावा की नियुक्ति में प्रियंका गांधी के साथ की राजस्थान के कांग्रेस विधायक और पंजाब के प्रभारी हरीश चौधरी की अहम भूमिका मानी जा रही है। रंधावा की पहली प्राथमिकता राजस्थान में निकल रही राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को किसी तरह के विवाद से बचाने की रहेगी। भारत जोड़ो यात्रा के बाद गहलोत और पायलट के बीच जारी सियासी घमासान को शांत कराने की रहेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गहलोत समर्थक विधायकों से इस्तीफे वापस करवाना सबसे बड़ी चुनौती है। गहलोत समर्थक 91 विधायकों ने 25 सितंबर को स्पीकर सीपी जोशी को इस्तीफे सौंप दिए थे। इस मामले में स्पीकर सीपी जोशी को राजस्थान हाईकोर्ट का नोटिस भी मिल गया है। दो सप्ताह में जवाब मांगा है। माना जा रहा है कि नए प्रभारी इस्तीफा वाले विवाद का जल्द समाधान चाहते हैं।
गहलोत और पायलट के टकराव को रोक पाएंगे सुखजिंदर सिंह रंधावा?