भोपाल :  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सरपंचों का मानदेय बढ़ाकर सवा चार हजार रुपए किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री नव-निर्वाचित सरपंचों के राज्य स्तरीय उन्मुखीकरण प्रशक्षिण और सम्मेलन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि एसओआर में परिवर्तन किया जाएगा और पिछली बाजार दर से नया एसओआर बनाया जाएगा। कपिलधारा योजना में कुआं खोदने की अनुमति भी सरपंचों को दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों तक रास्ता बनाने के लिए सुदूर सड़क सम्पन्न योजना फिर से प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार नामकरण और नाम परिवर्तन संबंधी अधिकार भी पंचायतों को सौंपने वाली है। इस पर तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंचों की ओर से सीएम हेल्पलाइन पर पंचायत और सरपंच के खिलाफ फर्जी शिकायत करने वालों पर मामला दर्ज करने की मांग की गई है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने सरपंचों से कहा कि कोई भी जायज नाम बीपीएल की सूची में अगर छूट गया हो, तो उसे विभाग को भेज दें ताकि कोई भी लाभार्थी वंचित न रहे। लोगों को हर योजना के बारे में भी पंचायत जागरुक करे और लोगों को उनका अधिकार जरूर उपलब्ध करवाए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सरपंचों का मानदेय 1750 रुपए से बढ़ाकर 4250 रुपए करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत को प्रशासकीय स्वीकृति के अधिकार की सीमा 15 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए की जाएगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में रोजगार सहायक की नियुक्ति की जाएगी। 15वें वित्त आयोग की सिफारिश के तहत 1472 करोड़ रुपए विभाग को सौंप दिए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर लोगों के लिए बेहतर से बेहतर काम करने की अपील की।