नई दिल्ली : दिल्ली नगर निगम  (एमसीडी) में पिछले 15 साल से काबिज भाजपा का पत्ता साफ हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने यहां बहुमत से जीत दर्ज की है। स्टेट इलेक्शन कमीशन के मुताबिक 250 सीटों वाले एमसीडी  में आप को 134 सीटें मिली हैं, जो बहुमत से 8 ज्यादा हैं। वहीं भाजपा को 104, कांग्रेस को 9 और 3 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों की जीत हुई है। एमसीडी में आप की जीत पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को बधाई दी। पार्टी ऑफिस में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता ने अपने बेटे और भाई को दिल्ली की सफाई और भ्रष्टाचार खत्म करने की जिम्मेदारी दी है। हमें केंद्र सरकार का भी सहयोग चाहिए। प्रधानमंत्री जी का भी आशीर्वाद चाहिए। एमसीडीचुनाव में इस बार कांग्रेस का प्रदर्शन पिछले चुनाव की तुलना में बेहद खराब रहा। पार्टी के इस बार 9 प्रत्याशी ही जीत दर्ज कर पाए, जबकि 188 कैंडिडेट्स अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएं। पिछले चुनाव में कांग्रेस 30 वार्डों में जीती थी। इसी तरह भाजपा के 10 और आम आदमी पार्टी के 3 उम्मीदवार इस बार अपनी जमानत नहीं बचा पाएं। 370 निर्दलीय उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई है। इसी तरह बहुजन समाज पार्टी के 128, एनसीपी के 25, ओवैसी की पार्टी  के 13 उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा पाए। मटिया महल विधानसभा के चांदनी महल वार्ड से आम आदमी पार्टी के आले मुहम्मद इकबाल ने 17,134 वोटों के अंतर से चुनाव जीता। यह इस बार के चुनाव में जीत का सबसे बड़ा अंतर है। इकबाल को 19 हजार 199 मत मिले जबकि उनके निकटम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के मोहम्मद हामिद को 2065 मत मिले है। इसी तरह ग्रेटर कैलाश के चितरंजन पार्क वार्ड से आम आदमी पार्टी के आशु ठाकुर ने केवल 44 वोट से चुनाव जीता। आशु ठाकुर को 10 हजार 443 मत मिले जबकि उनकी निकटम प्रतिद्वंदी बीजेपी की कंचन चौधरी को 10 हजार 399 वोट मिले। यह इस बार किसी प्रत्याशी के जीत का सबसे कम अंतर रहा।इस चुनाव में चौंकाने वाली बात ये रही कि भाजपा का वोट पिछले चुनाव के मुकाबले 0.6  प्रति बढ़ा लेकिन 77 सीटें कम हो गईं। पार्टी का वोट शेयर इस बार 39.09 प्रतिशत रहा, जबकि पिछले चुनाव में उसे 39.03 प्रति लोगों ने वोट दिया था। इसी तरह आम आदमी पार्टी के वोट शेयर में पिछले साल के मुकाबले करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। आप को इस बार 42.05 प्रतिशत वोट मिले, जबकि पिछले चुनाव में उसे 25.08 प्रति मतदाताओं ने वोट दिया, वहीं कांग्रेस को पिछली बार 21.02 प्रतिशत वोट मिले थे, जो इस बार घटकर 11.68 प्रति पर पहुंच गया। अन्य ने पिछली बार 14.99 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 11 सीटें जीती थीं, हालांकि इस बार 7.18 प्रतिशत वोट शेयर के साथ इस बार वे 3 सीट ही जीत पाएं। वहीं कुल 57 हजार 545 लोगों ने नोटा का इस्तेमाल किया यानी 0.78 प्रतिशत। मनीष सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र में 4 सीटें हैं। भाजपा ने 3 पर जीत दर्ज की। आप के खाते में एक ही सीट आई। उधर, जेल में बंद सत्येंद्र  जैन के विधानसभा क्षेत्र में 3 वार्ड हैं। पार्टी तीनों पर भाजपा से हार गई। केजरीवाल के वार्ड नंबर 74 चांदनी चौक से पार्टी के उम्मीदवार पुनर्दीप सिंह ने भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी को हराया। उधर, आप विधायक अमानतुल्लाह के वार्ड नंबर 189 जाकिर नगर से कांग्रेस विजयी हुई। एग्जिट पोल में  पक्की जीत के बाद बुधवार सुबह से ही पार्टी के कार्यालय में गहमा-गहमी शुरू हो गई थी। ऑफिस को पीले और नीले गुब्बारों से सजाया गया। पिछली बार इन्हें सफेद और नीले कलर के गुब्बारों से सजाया गया था, पर जैसे ही रुझान आते रहे आप के दफ्तर में पहले जश्न, मायूसी फिर जश्न का माहौल दिखा। सुबह 8 बजे जैसे ही शुरुआती रुझान आए, भाजपा और आप में कड़ी टक्कर देखने को मिली। शुरुआती दो घंटे में दोनों दलों की सीटों में 10 से 20 सीटों का अंतर रहा। कभी भाजपा आगे तो कभी आप आगे दिखी।  कांग्रेस का दफ्तर सुबह से ही सूना रहा। दफ्तर के गेट पर ताला लगा दिखा। भाजपा कार्यालय में सुबह कोई बड़ा नेता नहीं दिखा। कार्यकर्ता बहुत कम दिखे। एक कार्यकर्ता ने कहा कि एग्जिट पोल में आप की बड़ी जीत दिख रही थी। शायद यह इसका ही असर है, लेकिन हमें विश्वास है कि हम 100 से ज्यादा सीटें लेकर आएंगे। हालांकि जैसे-जैसे नतीजे आते दिखे ऑफिस में हलचल बढ़ गई।  पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भाजपा पर हमला बोला है। सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल कट्टर ईमानदार हैं, लोगों ने ईमानदार को जिताया है। भाजपा के किले को ध्वस्त करने का काम केजरीवाल ने किया। भाजपा अभी भी कह रही है मेयर हमारा होगा, जबकि उनकी 20-25 सीटें कम हैं। भाजपा खोखा पार्टी है। दिल्ली का मेयर भी हमारा होगा। मैं भाजपा को कहना चाहता हूं कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी वालों 17 केंद्रीय मंत्री और 8 मुख्यमंत्री दिल्ली में लगाए, फिर भी जनता ने केजरीवाल को जिताया है। यह बहुत बड़ी जीत है।