डिजिटल डेस्क: 27 सालों बाद भी गुजरात में एंटी एन्कंबेंसी फैक्टर को मात देकर BJP ऐतिहासिक जीत,वही AAP हार कर भी 'बाजीगर'बन गई है। बीजेपी का दबदबा बने रहना था लेकिन आम आदमी पार्टी की उपलब्धि भी कम नहीं है,और तीसरे नंबर पर आकर भी राष्ट्रीय पार्टी बनने की तरफ कदम बढ़ा चुकी है।असम के सीएम हिमंत बिस्वा शर्मा ठीक ही कहा करते थे कि मैच गुजरात की पिच पर खेला जा रहा था और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात छोड़ कर कहीं और बैटिंग कर रहे थे।ऐसे में कांग्रेस को बीस के आसपास सीट भी मिली तो गुजरातवालों ने एक तरह से उन पर एहसान ही किया है।गुजरात में प्रचार करने राहुल गांधी इक्का-दुक्का स्थानों पर गए, प्रियंका गांधी ही गईं नहीं,तबीयत ठीक ना होने की वजह से सोनिया गांधी भी नहीं गईं।  गुजरात की नब्ज को समझने के लिए पहले अहमद पटेल थे जो कि उनकि दुखद मृत्यु के बाद अब धुंधली हो चुकी हैं और हार्दिक पटेल  को बीजेपी  में जाने दें दिया गया,पटेल फैक्टर को सीरियसली लिया नहीं गया।