डिब्रूगढ़ : डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के छात्र आनंद शर्मा की रैगिंग की घटना में चल रही जांच के दौरान विश्वविद्यालय की एंटी-रैगिंग कमेटी द्वारा तीन अन्य छात्रों को आरोपी के रूप में चिन्हित किया गया। जिसके बाद आज विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तीन छात्रों को विश्वविद्यालय से बहिष्कृत कर दिया है।  विश्वविद्यालय प्रबंधन ने आदेश जारी करते हुए डीयू के गणित विभाग के एमएससी प्रथम सेमेस्टर के छात्र कमल कृष्ण काकोटी को विश्वविद्यालय से तीन साल के लिए बहिष्कृत कर दिया है। उसे तीन साल की अवधि के लिए किसी अन्य संस्थान में प्रवेश लेने से भी रोक दिया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन (बीसीए) के तीसरे सेमेस्टर के छात्र चित्रबोन बरुआ और शिक्षा विभाग के बीएड प्रथम सेमेस्टर के छात्र पोबन गोगोई को एक वर्ष (दो सेमेस्टर) की अवधि के लिए बहिष्कृत कर दिया गया है। डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार  परमानंद सोनोवाल ने एक बयान में बताया कि गुरुवार को हुई रैगिंग रोधी समिति (एआरसी) और रैगिंग रोधी दस्ते (एआरएस) की बैठक में विश्वविद्यालय के छात्रों पर रैगिंग और एंटी-रैगिंग उपायों को रोकने के लिए डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय विनियमों के खंड 7 (बी) (ढ्ढङ्ग) के तहत सभी सिफारिशों के अनुसरण व अपराध सिद्ध होने के बाद  दंडित किया गया। मालूम हो कि गत 30 नवंबर को  विश्वविद्यालय ने रैगिंग की घटना के संबंध में विश्वविद्यालय के चार छात्रों को तीन साल की अवधि के लिए निष्कासित कर दिया था। निष्कासित छात्रों में गलाब डेका, तीसरा सेमेस्टर (लाइफ साइंस), कमलेश्वर चुटिया, तीसरा सेमेस्टर (गणित), मौसमी फुकन, तीसरा सेमेस्टर (एप्लाइड जियो फिजिक्स) और पुसांग खाम बरुआ, दूसरा साल (ताई लैंग्वेज) शामिल हैं। इससे पहले 28 नवंबर को डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय ने रैगिंग मामले में शामिल होने के लिए पद्म नाथ गोहेन बरुआ छात्र निवास (पीएनजीबी छात्रावास) से 18 छात्रों को निष्कासित कर दिया था। पीड़ित आनंद शर्मा रैगिंग मामले में पुलिस ने डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र सहित सात छात्रों को गिरफ्तार किया है, जिसमें विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और पूर्व महासचिव राहुल छेत्री, निरंजन ठाकुर, सिमंत हजारिका, प्रांजीत बरुवा, सुभ्रज्योति बरुआ, दिव्यज्योति गोगोई और कल्याण दत्त शामिल हैं।