डिजिटल डेस्क: गुरुवार को मध्यप्रदेश पुलिस लखनऊ सहारा प्रमुख सुब्रत को गिरफ्तार करने पहुंची,मगर खाली हाथ लौटना पड़ा। उनका कहना हैं कि सहारा शहर में वे दो घंटे तक रहे,लेकिन कोई भी अभियुक्त नहीं मिला।पांच मई को दतिया थाने में पेश होने के लिए कहा गया है। कई अभियुक्तों के पते लेकर वहां भी उनकी तलाशी की जाएगी,सितंबर महीने सेबी के जज ने सुब्रत राय के खिलाफ एक बेलेबल वारंट जारी किया था।मध्यप्रदेश पुलिस,गुरुवार सुबह स्थानीय पुलिस की मदद से सहारा प्रमुख के गोमतीनगर स्थित आवास पहुंची, जहां छापेमारी की गई। मध्यप्रदेश के इंस्पेक्टर रविन्द्र शर्मा का कहना हैं कि  सहारा फाइनेंस कंपनी में करीब दो हजार से ज्यादा निवेशकों का पैसा फंसा हुआ है,अलग-अलग स्कीमों में निवेश की अवधि पूरी होने के बाद इनका रिफंड नहीं मिला। ये सभी कई साल से सहारा के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं,उसके बाद निवेशकों की तरफ से सहारा डायरेक्टर सुब्रत राय व पत्नी स्वप्ना राय सहित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के आठ सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया था।बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के आठ लोगों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ,और दतिया के शहर में  इन सभी के खिलाफ IPC की धारा 420,406 और मध्यप्रदेश निक्षेपकों के हित का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 (1) में केस दर्ज है।   सुप्रीम कोर्ट ने सहारा ग्रुप की चल-अचल संपत्ति के ट्रांजेक्शन पर रोक लगा रखी है,और रोक हटते ही लोगों का पैसा वापस किया जाएगा।