माजुली : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने रविवार को माजुली जिले में दो बड़े पुल सहित कुल 12 प्रकल्पों का भूमि पूजन व आधारशिला रखने के साथ ही अन्य चार प्रकल्पों का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने आज माजुली-लखीमपुर को जोड़ने वाली दो पुलों का भूमि पूजन किया। इसके बाद माजुली के सेलेक रंगमंच मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि माजुली के उपचुनाव के समय जिले के विभिन्न अंचलों का उन्हें दौरा करने का मौका मिला था और इस दौरान लोगों ने अंचलों की समस्याओं से उन्हें अवगत भी करवाया था। लोगों की समस्याओं का सामाधान करने के लिए उन्होंने आश्वासन दिया गया था और अपने दिए गए वादे को पूरा करने के लिए माजुलीवासियों के लिए राज्य सरकार के असम माला योजना के तहत विभिन्न योजनाओं का आवंटन किया जा रहा है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहित नदी में निर्माण होने वाले पुल आगामी दो सालों के भीतर और सुबनसिरी नदी पर धुनागुड़ी माजुली-लखीमपुर जोड़ने वाली पुल का काम तीन साल के भीतर पूरा किया जाएगा। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि विकास का एक पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत माजुली जिले में लगभग 894 करोड़ रुपए का विभिन्न योजनाओं का आवंटन किया जा रहा है। माजुली को देश की अन्यतम अध्यात्मिक व सांस्कृृतिक केंद्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माजुली जिले में सांस्कृृतिक विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, लेकिन माजुली के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए इस विश्वविद्यालय को सिर्फ सांस्कृृतिक विद्यालय के रूप न रखकर राज्यिक विश्वविद्यालय के रूप में स्थापना करने की चिंता की जा रही है। इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में शिक्षामंत्री को इस विश्वविद्यालय के संशोधनी विधेयक लाने के लिए कहा गया है। माजुली के बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए भी सरकार काम कर रही है। यह कहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य तथा माजुली के बेरोजगारों के लिए टाटा टेक्नोलॉजी साथ एक समझौता किया गया था, जिसके तहत बेरोजगारों को रोजगार मिलने की राह मिलेगा। माजुली में अरूणोदय योजनाओं के तहत पांच हजार नए लाभार्थियों को लाभ मिलने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। साथ ही उन्होंने माजुलीवासियों के लिए पांच हजार नए राशन कार्ड आपूर्ति करने की घोषणा भी की। माजुली में राज्य सरकार द्वारा धान खरीदने की व्यवस्था के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष माजुलीवासियों को प्रत्येक क्विंटल धान की कीमत 2040 रुपए तय की है। साथ ही उन्होंने बताया कि गत वर्ष माजुली में 1400 मैट्रिक टन राज्य सरकार ने खरीदा था। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ विकास और परिवर्तन के बीच माजुलीवासियों को अपने आध्यात्मिक और सांस्कृृतिक धरोहर को बहाल रखने की अपील की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि राज्य में पिछले डेढ़ साल में असम बंद, धरना, विरोध प्रदर्शन आदि को भूलकर विकास की ओर आगे बढ़ रहे हंै। साथ ही उन्होंने कहा कि उग्रवादी संगठन हथियार छोड़कर आगामी पांच साल सरकार को सहयोग करें तो मौजूदा राज्य सरकार असम को पचास साल आगे ले जाएगी। सभा में माजुली जिले के अभिभावक मंत्री डॉ. रनोज पेगु ने स्वागत भाषण पेश किया। अपने संबोधन में उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा माजुली जिले के लिए दी गई योजनाओं को लेकर आभार प्रकट किया। इस दौरान राज्य सरकार के मंत्री जयंत मल्लव बरुवा, नंदिता गार्लोसा, विधायक भुवन गाम, नव दलै, अमिय भुइयां, मानव डेका, सांसद प्रदान बरुवा, माजुली सांस्कृृतिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. निरोद बरुवा, जिला भाजपा अध्यक्ष बीरेन सैकिया, अगप जिला अध्यक्ष फनीधर ताहु, उपायुक्त पुलक महंत सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। वहीं आज सुबह मुख्यमंत्री माजुली पहुंचकर शंकरदेव कृृष्टि संघ, गड़मूर होरू सत्र के परिसर में आमार माजुली शीर्षक एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद धुनागुड़ी में उपस्थित होकर लोहित और सुबनसिरी नदी पर 694 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण होने वाले पुलों का भूमि पूजन किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने माजुली जिले में निर्माण लेने वाले अन्य प्रकलपों की आधारशिला रखी।
माजुली में मुख्यमंत्री ने दो नए पुलों का किया भूमि-पूजन