जयपुर : कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ गुजरात चुनाव के नतीजों की बात इसलिए करते हैं, ताकि वह दूसरे चुनावों के परिणामों से ध्यान भटका सकें।  इसके साथ ही रमेश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ आम आदमी पार्टी (आप) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के अनौपचारिक गठबंधन को गुजरात चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन की एक वजह बताया। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल रमेश ने बूंदी जिले के लबान गांव में संवाददाताओं से बातचीत में गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर कहा कि हिमाचल प्रदेश के नतीजों पर भी गौर करिए। उपचुनाव के परिणाम भी देखिए। राजस्थान उपचुनाव में कांग्रेस की जीत का अंतर दोगुना हुआ है। छत्तीसगढ़ का उपचुनाव देखिए। सिर्फ गुजरात के चुनाव को लेकर प्रधानमंत्री बार-बार कहते रहते हैं कि गुजरात में यह हुआ, गुजरात में यह हुआ। जबकि गुजरात में इन चुनाव परिणामों के कई कारण हैं। उन्होंने कहा कि एक तो गुजरात में कांग्रेस तीन पार्टियों के ‘गठबंधन’ के खिलाफ लड़ रही थी। पहली भाजपा, दूसरी ‘आप’ और तीसरी एआईएमआईएम। यह उनका ‘अनौपचारिक गठबंधन’ था। ‘आप’ और एआईएमआईएम का एक ही मकसद था-कांग्रेस का वोट काटना। इसमें वे सफल रहीं। हमारा वोट प्रतिशत 40 प्रतिशत से घटकर 27 प्रतिशत रह गया। रमेश ने कहा कि दूसरा कारण यह है कि राज्य और केंद्र सरकार की सारी संस्थाएं भाजपा की मदद करने में लगी थीं। हमने इस बारे में निर्वाचन आयोग में कई शिकायतें कीं, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता के मुताबिक, तीसरा कारण चुनाव खर्च है। कांग्रेस से तुलना करें तो भाजपा चुनाव प्रचार में आठ-नौ गुना अधिक खर्च कर रही थी। उन्होंने गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों को पार्टी के लिए निराशाजनक बताते हुए कहा कि हमारे संगठन में कमियां थीं। हम 2017 जितने आक्रामक नहीं रहे। हमें धक्का लगा है और हमारे लिए नतीजे बेहद निराशाजनक हैं।