बीजिंग : पाकिस्तान में चीन का दखल लगातार बढ़ रहा है। चीन पाकिस्तान के घरेलू मुद्दों से लेकर विदेश नीति तक को प्रभावित करता है। ताइवान की डबल थिंक लैब्स की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन सबसे ज्यादा दखलअंदाजी पाकिस्तान में ही करता है। ‘दी चाइना इंडेक्स’ नाम की इस रिपोर्ट में चीन से प्रभावित 82 देशों की लिस्ट में पाकिस्तान पहले नंबर पर है। दूसरे नंबर पर कंबोडिया और तीसरे नंबर पर सिंगापुर हैं। वहीं थाईलैंड चौथा सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। यह रिपोर्ट चीन के दुनियाभर में बढ़ते दखल की ओर इशारा करती है। डबल थिंक लैब्स के सीईओ मिन हुसान-वू कहते हैं कि इस रिपोर्ट का मकसद दुनिया को चीन के बढ़ते प्रभाव से होशियार करना है। इस रिपोर्ट में हमने बताया है कि चीन क्या कर रहा है और वह किन तरीकों से दूसरे देशों पर दबाव बना सकता है। हुसान-वू कहते हैं कि चीन सिर्फ पैसे के दम पर दूसरे देशों को प्रभावित नहीं करता। हो सकता है कि कोई देश आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो लेकिन सैन्य हथियारों के लिए चीन पर निर्भर हो। या उस देश में बड़ी संख्या में चीन के लोग रह रहे हों। दी चाइना इंडेक्स तैयार करने के लिए नौ अलग-अलग मापदंडों पर देशों को आंका गया। ये पैरामीटर हैं- घरेलू राजनीति, विदेश नीति, मीडिया, सैन्य सहयोग, टेक्नोलॉजी, आर्थिक संबंध, कानून प्रवर्तन, उच्च शिक्षा और सांस्कृतिक संबंध। चीन से प्रभावित देशों की लिस्ट में साउथ अफ्रीका और पेरू संयुक्त रूप से 5वें नंबर पर हैं। फिलीपींस 7वें और मलेशिया 10वें नंबर पर है। चीन के पश्चिमी जिनजियांग प्रांत की सीमा से लगते किर्गिस्तान और तजाकिस्तान आठवें और नौवें नंबर पर हैं। रिपोर्ट के अनुसार जर्मनी चीन से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला यूरोपीय देश है। इसे 19वां और नॉर्थ अमेरिका को 21वां स्थान मिला है। ब्रिटेन इस लिस्ट में 27वें नंबर पर है। पाकिस्तान में चीन सीपीईसी यानी चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम कर रहा है। इसमें चीन ने पिछले एक दशक में हजारों बिलियन डॉलर खर्च किए हैं। यह चीन के महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का हिस्सा है। हर क्षेत्र में चीन-पाकिस्तान के संबंध मजबूत हुए हैं खासकर सैन्य, तकनीक और विदेश नीति के मामलों में। वरिष्ठ पत्रकार शाहजेब जिलानी कहते हैं कि उम्मीद है कि इससे चीन-पाकिस्तान के बढ़ते रिश्तों पर बहस और चर्चा तेज होगी।
दुनिया भर में बढ़ रहा चीन का दखल पाकिस्तान को करता है सबसे ज्यादा प्रभावित