अबूधाबी/लंदन : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि यूक्रेन में युद्ध जैसे संघर्षों के इर्द-गिर्द तेजी से विभाजित होती दुनिया में भारत एक सेतु की भूमिका निभा सकता है। अबूधाबी में इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) शिखर सम्मेलन में, सोमवार को मंत्री ने रूस-यूक्रेन संघर्ष से प्रभावित दुनिया में दो बड़े विभाजनों पर प्रकाश डाला और भारत तथा यूएई जैसे भूमिका निभाने वाले देशों का विश्लेषण किया। जयशंकर ने कहा कि एक पूर्व-पश्चिम विभाजन है जो यूक्रेन के आसपास केंद्रित है और दूसरा उत्तर-दक्षिण विभाजन है जो विकास के आसपास केंद्रित है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के विकास पर भी प्रभाव पड़ रहा है। मेरा मानना है कि भारत सेतु की भूमिका निभा सकता है, जो संयुक्त अरब अमीरात जैसे अन्य देशों के साथ मिलकर किया जा सकता है। शिखर सम्मेलन के सत्र के दौरान जयशंकर के साथ परिचर्चा में शामिल संयुक्त अरब अमीरात के अध्यक्ष के कूटनीतिक सलाहकार डॉ. अनवर मोहम्मद गरगाश ने यूक्रेन में संघर्ष को जल्द खत्म करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक माध्यम छोड़कर इसका कोई समाधान नहीं है। यह हमारे हित में है कि हम एक राजनीतिक प्रक्रिया सुनिश्चित करें जो इस संघर्ष को खत्म करे। रूस ने 24 फरवरी को यूक्रेन में एक विशेष सैन्य अभियान शुरू किया था। रूसी कार्रवाई की अमरीका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों ने व्यापक रूप से आलोचना की है। इससे पहले, जयशंकर ने ब्रिटेन-मुख्यालय वाले इंडिया ग्लोबल फोरम द्वारा आयोजित यूएई शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया।