डिजिटल डेस्क: दिल्ली में कुछ व्यापारियों ने कनॉट प्लेस में चीनी आयात बंद करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया,यह मांग कितनी व्यावहारिक है, अलग बात है लेकिन देश के कई शहरों में व्यापारी सड़क पर आकर चीन की कमर तोड़ने के लिए व्यापार बंद करना जरूरी बता रहे हैं। दो साल पहले जब गलवान में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई थी, चीन के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। कुछ वैसा ही माहौल अब तवांग की घटना के बाद देश में बन रहा है।यह मांग कितनी व्यावहारिक है, अलग बात है लेकिन देश के कई शहरों में व्यापारी सड़क पर आकर चीन की कमर तोड़ने के लिए व्यापार बंद करना जरूरी बता रहे हैं।

आज एक ट्वीट में केजरीवाल ने लिखा, 'हम चीन से अपना व्यापार क्यों नहीं बंद करते? चीन से आयात की जाने वाली अधिकतर वस्तुएं भारत में बनती हैं। इससे चीन को सबक मिलेगा और भारत में रोजगार।' दिल्ली के एक व्यापारी ने कनॉट प्लेस में एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि भारत चीनी सामानों का सबसे बड़ा बाजार है और भारत 14 प्रतिशत सामान चीन से खरीदता है। एक तरफ चीन हमसे अरबों डॉलर कमा रहा है और उसी पैसे का दुरुपयोग हमारी सेना के खिलाफ बॉर्डर पर कर रहा है। उन्होंने कहा, 'हम भारत सरकार से कहना चाहते हैं कि एकदम से चीन से व्यापार बंद नहीं हो सकता है, ऐसे में सरकार दीर्घकालिक योजना हालांकि भारत में चीनियों की घुसपैठ किस कदर है यह ऐसे समझिए 2003-04 में चीन से भारत का आयात करीब 5 अरब डॉलर का था।