जोरहाट : किसी भी राज्य में बंद या धरना होने से उस राज्य का कभी विकास नहीं हो सकता। विरोध-प्रदर्शन विकास की राह में बाधक का काम करता है। जोरहाट जिला क्रीड़ा संस्था के खेल मैदान में बृहस्पतिवार को आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि अगर बिना किसी तरह के विरोध के राज्य की जनता सरकार का सहयोग करे तो असम के विकास एक नई ऊंचाई तक पहुंच जाएगा। मालूम हो कि जोरहाट जिले में आज 853 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाली 17 विभिन्न योजनाओं का भूमि पूजन व आधारशिला रखकर जिलावासियों को विशेष सौगात दी। राज्य के विभिन्न जिलों के विकास हेतु गत पांच दिसंबर को बंगाईगांव से शुरू हुए विकास का एक पखवाड़ा शीर्षक कार्यक्रम के तहत नलबाड़ी, तामुलपुर, मोरीगांव, गोलाघाट, विश्वनाथ और माजुली जिले में विकास की नींव रखने के बाद आज जोरहाट में कई योजनाओं की आधारशिला रखी। जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर उक्त योजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान अपने संबोधन में सीएम हिमंत ने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत सरकार प्रत्येक जिले में 800-1000 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न योजनाओं की आधारशिला या भूमि पूजन कर रही है। उन्होंने कहा कि जिले में पिछले कई दिनों से लंबित चल रहे प्रकल्पों को आज धरातल पर लाया गया है। ऐसे में आज का दिने जोरहाट जिले के लिए भी एक गौरव का दिन है। सीएम ने कहा कि जोरहाट में जन्म लेने के बाद आज तक उन्होंने भी 850 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं को एक ही दिन में शुरू होते नहीं देखा। पूर्वी जोरहाट के होलोंगापार स्थित वीर लाचित बरफुकन के समाधि स्थल की 42 बीघा जमीन पर म्यूजियम व सांस्कृृतिक प्रकल्प का निर्माण करने के उद्देश्य से आज वहां भूमि पूजन किया गया। लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले इस निर्माण कार्य को अगले दो वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा जोरहाट-कमारबंधा के बीच 270 करोड़ रुपए की लागत से 32 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण-कार्य की भी आज आधारशिला सीएम ने रखी, वहीं जोरहाट स्टेडियम को नया रूप प्रदान करने के लिए 50 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले निर्माण-कार्य का आज सीएम ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पहले चरण का काम पूर्ण होने के बाद पुनः 50 करोड़ रुपए का आवंटन स्टेडियम के लिए किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जोरहाट स्टेडियम को गुवाहाटी के सरुसराई स्टेडियम के तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इसके अलावा जिला उपायुक्त कार्यालय को चिनामारा चाय बागान में स्थानांतरित करने के लिए 50 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले निर्माण-कार्य की भी उन्होंने आधारशिला रखी। फिलहाल निर्माण संपूर्ण होने के बाद जिला उपायुक्त और डीसी के विभाग से जुड़े अन्य कार्यालय समाहित होंगे। लेकिन बाद में शिक्षा, लोकनिर्माण और स्वास्थ्य आदि विभागों के कार्यालयों को भी यहां शिफ्ट किया जाएगा, वहीं 28 करोड़ रुपए के खर्च पर बनने वाले महिला विश्वविद्यालय के लिए बाद में अतिरिक्त 22 करोड़ रुपए देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की। साथ ही मरियानी में बापूजी स्टेडियम को नया रूप देने का काम भी जल्द शुरू होने की बात मुख्यमंत्री ने कही। सीएम ने जोरहाट केंद्रीय कारागार की सौ बीघा जमीन पर बनने वाले उद्यान को इन 17 प्रकल्पों में सबसे महत्वपूर्ण प्रकल्प बताया। लगभग 134 करोड़ रुपए की लागत से केंद्रीय कारागार में तैयार होने वाला यह उद्यान राज्य का सबसे बड़ा उद्यान होने की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि आज जोरहाट में होने वाली कैबिनेट में जिले को और भी कई खुशखबरी मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार ने गत डेढ़ वर्षों के कार्यकाल में राज्य में परिवर्तन लाने का पूरा प्रयास किया। एक पखवाड़े में 15 हजार करोड़ रुपए की आधारशिला का काम राज्य के विभिन्न जिलों में हो रहा है और आगामी जनवरी माह में अन्य जिलों में भी इस पखवाड़े को जारी रखा जाएगा। हालांकि इसे लेकर राज्य की जनता कभी-कभार प्रश्न भी करती है कि पहले की सरकार में अगर इतने पैसे नहीं थे तो आज ये पैसे कहां से आए। इतना ही नहीं, कुछ लोग यह विश्वास नहीं कर पाते कि वाक्य ऐसा हो सकता है। साथ ही कुछ लोगों को इस पर संदेह भी करते हैं। लेकिन उन्होंने साफ किया कि असम में काम करने हेतु कोई असुविधा नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असम के प्रति प्यार और असम के विकास के लिए कार्य करने का संकल्प राज्य को आगे ले जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि माजुली-जोरहाट के बीच एक पुल कभी देखने को मिलेगा। लेकिन मौजूदा सरकार ने इस पुल के निर्माण का काम शुरू करने के साथ अब माजुली-लखीमपुर के बीच पुल बनाने का काम शुरू हो चुका है। वर्ष 2026 में जोरहाट के लोगों को लखीमपुर जाने के लिए डिबू्रगढ़ या कलियाबर के रास्ते से नहीं जाना पड़ेगा। वे निमाती से कमलाबाड़ी के रास्ते लोहित से सुवनसिरी होते हुए आसानी से लखीमपुर पहुंच सकेंगे। यह सब किसी आंदोलन के चलते नहीं हुआ। राज्य के विकास हेतु प्रतिबद्ध हमारी सरकार ऐसे कार्यों को आगे भी जारी रखेगी। जोरहाट में इन परियोजनाओं के शुरू होने से यहां के विकास को एक नया आयाम मिलेगा। सीएम ने जोरहाट के इतिहास पर अपना संबोधन रखते हुए जोरहाट जिले को विभिन्न जाति-जनगोष्ठी की मिलनभूमि बताया। इससे पूर्व जोरहाट के विधायक हितेंद्रनाथ गोस्वामी, सांसद तपन गोगोई और राज्य की वित्त व अभिभावक मंत्री अजंता नेउग ने भी जनसभा को संबोधित किया, जबकि जिला उपायुक्त अशोक कुमार बर्मन ने धन्यवाद ज्ञापन पेश किया। जनसभा में मंत्री क्रमशः पीयूष हजारिका, ऊर्खाओ गौरा ब्रह्म, डॉ. रनोज पेगु, विमल बोरा, नंदिता गार्लोसा, सांसद कामख्या प्रसाद तासा, विधायक रूपज्योति कुर्मी, भवेंद्रनाथ भराली, विधायिका रेणुपमा राजखोवा, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धांकू अंकुर बरुवा, भाजपा के जिलाध्यक्ष हेमंत कलिता, जोरहाट जिला परिषद के अध्यक्ष रंजन सैकिया, एआईआईडीसी के अध्यक्ष शांतनु पुजारी आदि मंचासीन थे।
विकास की राह में विरोध-प्रदर्शन बाधक : सीएम