पटना : उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का सितारा बुलंद है। अब तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन दलों की बैठक में भी यह कह दिया है कि 2025 का विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। इससे पूर्व राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह कह चुके हैं कि हमारी पार्टी नीतीश कुमार को पीएम देखना चाहती है। साफ है जदयू और राजद अपना हित देखते हुए एक दूसरे को बड़ा फायदा पहुंचाने की मुहिम में लगे हैं। लालू प्रसाद पहले ही नीतीश कुमार के साथ कांग्रेस आलाकमान से मिल चुके हैं। अब तेजस्वी को लेकर बड़ी घोषणा के बाद राजद नीतीश कुमार को पीएम बनाने के मुहिम में तेजी से लग जाएगी। लेकिन क्या बड़ा खतरा यह भी है कि तेजस्वी यादव की चुनौती बढ़ने वाली है! भाजपा तेजस्वी के खिलाफ ज्यादा मुखर हो सकती है क्या ! हालांकि नीतीश कुमार कहते हैं कि वे पीएम नहीं बनना चाहते हैं लेकिन इसके पीछे का सच लोग जानते हैं। उनकी पार्टी जेडीयू नीतीश कुमार में पीएम मैटीरियल देखती रही है। नीतीश कुमार देश के कई भाजपा विरोधी नेताओं से मिल चुके हैं। वे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, एनसीपी नेता शरद पवार, सपा के अखिलेश यादव के अलावा लेफ्ट पार्टी के नेताओं से भेंट की थी। यहां पेंच यह है कि सोनिया गांधी के साथ वाली नीतीश-लालू की तस्वीर सामने नहीं आई। सिर्फ तीनों के बीच बैठक हुई! दूसरी बात यह कि 25 सितंबर को हरियाणा के फतेहाबाद में पूर्व उप-प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती जब मनाई गयी और रैली में इंडियन नेशलन लोकदल के ओम प्रकाश चौटाला की तरफ से विपक्ष को एक मंच पर लाने की कोशिश की गई। इसमें ओम प्रकाश चौटाला ने अखिलेश यादव, एचडी देवगौड़ा, प्रकाश सिंह बादल, फारूक अब्दुल्लाह, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी, के चंद्रशेखर राव और शरद पवार जैसे विपक्षी नेताओं को आमंत्रित तो किया लेकिन कांग्रेस की तरफ से इसमें किसी को नहीं बुलाया गया था। लालू प्रसाद की बायोग्राफी लिखने वाले लेखक- पत्रकार नलिन वर्मा कहते हैं कि तेजस्वी यादव की चुनौती नहीं बढ़ेगी। तेजस्वी के पास विधान सभा में विधायकों की संख्या ज्यादा है। दूसरी बात यह कि नीतीश कुमार भी उनके साथ हैं। इसलिए अब नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव दोनों पर प्रेशर घटेगा। दोनों ही नहीं सात दलों का महागठबंधन भाजपा का सामना करेगा। वरिष्ठ पत्रकार ध्रुव कुमार कहते हैं कि अगला चुनाव भाजपा बनाम राजद ही होगा। नीतीश कुमार के बयानों के बाद यह साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद महागठबंधन के अंदर बढ़ेगा अंतर्कलह