डिजिटल डेस्क:चीन में एक बार फिर कोरोना ने कहर ढाया है। अस्पतालों में मरीजों का संख्या 85 से 98 प्रतिशत बढ़ गया है,जिसके कारण मरीजों को बेड की कमी के कारण फर्श पर लेटाकर इलाज किया जा रहा है। और एक तरफ अस्पताल में डॉक्टर और नर्स की भी कमी हो रही है । दवा और ऑक्सीजन का संकट भी गहराने लगा है।
चीन में रोज हजारों लोगों की मौत हो रही है,जिसके कारण अस्पतालों में अब लाशे रखने की जगह कम पर रही है। लाशों को अस्पताल के बाहर तक रखा जा रहा है,वहां की कब्रिस्तानों में अंतिम संस्कार के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रहीं हैं। चीन में कोरोना इस कदर बढ़ रहा है कि लोगों ने घरों से बाहर निकलना ही बंद कर दिया है। सरकार ने कोरोना को रोकने के लिए लॉकडाउन भी लगाया , लेकिन उसमें भी वें नाकाम रहै। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए है। व्यवसायिक क्षेत्र पर भी संक्रमण का प्रभाव देखने को मिल रहा है। इन केंद्रों पर कामगारों की एक साथ ज्यादा भीड़ न जुटे, इसके लिए व्यवस्था की जा रही है।