रांची : लोकसभा में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की कथित टिप्पणी का मुद्दा राज्य विधानसभा में मंगलवार को उठा। शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने सांसद की कथित टिप्पणी पर गंभीर आपत्ति जताई थी। हालांकि संसदीय रिकॉर्ड से आपत्तिजनक टिप्पणी को बाद में हटा दिया गया था। विधायक प्रदीप यादव ने लोकसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर की गई टिप्पणी को राज्य के लोगों का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि निंदा प्रस्ताव लाया जाए और उसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेजा जाए। उधर, उनका समर्थन झामुमो विधायक सुदिव्या कुमार और राज्य के संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने भी किया। उन्होंने कहा कि निंदा करने का प्रस्ताव आने दीजिए, यह सदन की गरिमा से जुड़ा है। कोई सांसद अगर मुख्यमंत्री पर आरोप लगा रहा है तो यह संवैधानिक नियमों का उल्लंघन है। बाद में जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि झारखंड सरकार सांसद के बयान की निंदा करती है। भारत जैसे लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों से यह उम्मीद की जाती है कि वे चर्चा के दौरान और अपने बयानों में गरिमा बनाए रखें। एक सांसद से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती। राज्य विधानसभा में सांसद और भाजपा सरकार की नीतियों का जोरदार विरोध करते हुए नारे लगाते हुए वेल में आ गए और अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने उनसे अपनी सीटों पर लौटने का आग्रह किया। विरोध जारी रहने पर महतो ने प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। बाद में कार्रवाई फिर से शुरू हुई, तो शून्यकाल भी बाधित हो गया, जिसके कारण सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।
लोस में सीएम सोरेन पर भाजपा एमपी की टिप्पणी का राज्य विस में उठा मामला, लोगों का बताया अपमान