नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन और अमेरिका सहित विश्व के कई देशों में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बृहस्पतिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की और देश में कोविड-19 की ताजा स्थिति की समीक्षा की। बैठक के बाद पीएम ने मास्क के साथ-साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की। उन्होंने कोविड टेस्टिंग व जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाने को कहा। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक मोदी ने अधिकारियों से किसी भी तरह की लापरवाही ना बरतने को लेकर आगाह किया और कोरोना मामलों की कड़ी निगरानी की सलाह दी। पीएमओ के मुताबिक मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर चल रहे निगरानी उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया कि सभी स्तरों पर उपकरणों, प्रक्रियाओं और मानव संसाधनों के मामले में तैयारी उच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने राज्यों को ऑक्सीजन सिलेंडर, पीएसए संयंत्रों, वेंटिलेटर और मानव संसाधन सहित अस्पताल के बुनियादी ढांचे से संबंधित कोविड विशिष्ट सुविधाओं का लेखाजोखा करने की सलाह दी। पीएमओ ने कहा कि बैठक के दौरान देश में कोविड की स्थिति और वैश्विक कोविड-19 की स्थिति के बारे में एक व्यापक प्रस्तुति दी गई। प्रधानमंत्री को बताया गया कि 22 दिसंबर, 2022 को समाप्त सप्ताह में भारत में मामलों में लगातार गिरावट देखी जा रही है और औसत दैनिक मामले घटकर 153 और साप्ताहिक संक्रमण की दर घटकर 0.14 प्रतिशत हो गई है। हालांकि, पिछले 6 हफ्तों से वैश्विक स्तर पर 5.9 लाख दैनिक औसत मामले दर्ज किए गए हैं। पीएमओ के अनुसार प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को परीक्षण और जीनोमिक अनुक्रमण प्रयासों को तेज करने का निर्देश दिया। उसके मुताबिक राज्यों से यह भी कहा गया है कि वे दैनिक आधार पर जीनोम अनुक्रमण के लिए नामित जीनोम सीम्ेंसिंग प्रयोगशालाओं (एलजीएसएल) के साथ बड़ी संख्या में नमूने साझा करें। इससे देश में संक्रमण के नए प्रकारों का समय पर पता लगाने में मदद मिलेगी और आवश्यक सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को शुरू करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने सभी से हर समय कोविड के उपयुक्त व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया, विशेष रूप से आगामी त्योहारी मौसम को देखते हुए, जिसमें भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनना भी शामिल है। प्रधानमंत्री ने यह भी आग्रह किया कि विशेष रूप से कमजोर और बुजुर्ग समूहों के लिए एहतियाती खुराक (बूस्टर डोज) को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया और नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण, गृह सचिव अजय कुमार भल्ला, नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी परमेश्वरन अय्यर सहित स्वास्थ्य व गृह मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और अमरीका में कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार सक्रिय हो गई है। इस सिलसिले में केंद्र सरकार ने बुधवार को एक समीक्षा बैठक की थी। विश्व के कुछ देशों में पिछले दिनों कोविड-19 के बढ़ते मामलों के परिप्रेक्ष्य में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया ने इस बैठक से ठीक पहले संसद के दोनों सदनों में बयान भी दिया और कहा कि देश में स्थिति नियंत्रण में है और वैश्विक स्थिति पर सरकार नजर बनाए हुए हैं।  दूसरी ओर सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले कुछ यात्रियों का 24 दिसंबर से रैंडम कोरोना वायरस परीक्षण किया जाएगा। कई देशों में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नागर विमानन मंत्रालय को इस संबंध में पत्र लिखा है। एक आधिकारिक पत्र में कहा गया कि प्रत्येक उड़ान में कुल यात्रियों के दो प्रतिशत तक को आगमन के बाद हवाई अड्डे पर रैंडम परीक्षण से गुजरना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने अपने नागर विमानन मंत्रालय के समकक्ष राजीव बंसल को लिखे पत्र में कहा कि रैंडम परीक्षण के बाद यदि कोई कोविड संक्रमित पाया जाता है, तो नमूने को जीनोमिक परीक्षण के लिए भेजा जाना चाहिए। प्रत्येक उड़ान में ऐसे यात्रियों का चयन संबंधित एयरलाइंस द्वारा किया जाएगा। रैंडम परीक्षण के लिए नमूना देने के बाद यात्रियों को हवाई अड्डे से जाने दिया जाएगा।