गुवाहाटीः असम विधानसभा शीतकालीन सत्र में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से लाए गए कटौती प्रस्ताव पर  जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) मंत्री जयंत मल्ल बरूवा ने कहा कि केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत राज्यभर में 60 फीसद लोगों को शुद्ध पीने का पानी मुहैया कराया जा रहा है। इस योजना को लागू कराने वाले राज्यों में असम पांचवा स्थान पर है। विभागीय मंत्री बरुवा ने कहा कि भाजपा की जब सरकार बनी तब तत्कालीन कांग्रेस की सरकार द्वारा सिर्फ एक फीसद लोगों को शुद्ध पीने का पानी मिलता था, लेकिन आज इस मिशन के शुरू होने के दो साल बाद सूबे की 60 फीसद जनता को शुद्ध पीने का पानी आपूर्ति किया जा रहा है। मंत्री बरूवा ने सदन को बताया कि मिशन के जरिए आगामी 2024 तक राज्य के 25,335 घरों के लोगों को पीने का पानी मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले दो साल बड़ी संख्या में लोगों तक यह योजना पहुंच चुकी है, लेकिन 2024 तक योजना के तहत हर घर जल आपूर्ति होने लगेगा। मंत्री जयंत ने कहा कि पूरे राज्य में जल जीवन मिशन का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इस दौरान अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो उसे ठीक कर लिया जाएगा।  हालांकि मनमानी करने वाले ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की गई है ताकि अन्य ठेकेदार सावधानी के साथ जल्द काम पूरा करें। सत्तरूढ़ तथा विपक्षी दलों के विधायकों के सवालों का जबाव देते हुए कहा कि इस कार्य में आत्म सहाय गुट की महिलाओं को सर्वे करने के लिए लगाया गया जिससे मिशन के कार्य की सही जानकारी मिल सके। गुटों की महिलाए इस दिशा में सही जानकारी देने लगी है। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत पीने का पानी देने के लिए पुरानी योजना को ठीक करने के अलावा नए सिरे से भी काम किया जा रहा है। इस योजना को सही तरीके से संचालन करने के लिए चार हजार जल मित्रों को नियुक्ति देने के साथ ही उन्हें प्रशिक्षण देकर इस कार्य में लगाया जा रहा है। साथ ही राज्य सरकार की ओर से उन्हें छह हजार रुपए भी दिए जा रहे हैं ताकि लोगों को समय पर पानी आपूर्ति कर सके। उल्लेखनीय है कटौती प्रस्ताव की चर्चा सभी दलों के विधायकों ने अपनी अपनी बातों को रखे।