इस्लामाबाद : संघीय शहबाज शरीफ सरकार और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के बीच संघर्ष विराम खत्म होने के बाद से आतंकी समूह ने हमले तेज कर दिए हैं। सेना की मीडिया विंग ने रविवार को कहा कि टीटीपी ने पिछले दो दिनों में अशांत बलूचिस्तान प्रांत में कई हमले किए हैं। इनमें छह सुरक्षाकर्मियों की जान गई है और कुछ अन्य घायल हुए हैं। इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान जारी कर कहा कि झोब जिले के सांबाजा इलाके में खुफिया सूचना के आधार पर अभियान चलाया गया। आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक आतंकवादी और एक सैनिक मारा गया। आईएसपीआर ने कहा कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर अभियान शुरु किया गया जो पिछले 96 घंटों से जारी है। बयान में कहा गया है कि इसका उद्देश्य पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर आंतकवादियों को खैबर पख्तूनख्वा में घुसने और नागरिकों व सुरक्षा बलों को निशाना बनाने से रोकना था। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग आईएसपीआर ने कहा कि आतंकवादियों को सीमा पार से उनके मददगारों का समर्थन हासिल है। एक दूसरी घटना में टर्बोक के दानुक गोगदान इलाके में सशस्त्र आतंकवादियों ने शनिवार को फ्रंटियर कोर के एक वाहन को निशाना बनाया। इसके बाद मुठभेड़ में चार सैनिक मारे गए। सीमावर्ती चमन कस्बे में बीती देर रात मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात आतंकवादियों ने एक चेक पोस्ट पर गोलीबारी की जिसमें लेवी का एक जवान मारा गया। टीटीपी ने तुरबत और चमन में हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है। नवंबर में सरकार के साथ संघर्ष विराम खत्म होने के बाद प्रतिबंधित संगठन टीटीपी ने पाकिस्तान में सुरक्षा अधिकारियों पर फिर से आतंकी हमले किए हैं। हाल के दिनों में राजधानी इस्लामाबाद, लौहार और अन्य स्थानों पर आतंकवादी हमले किए गए हैं। सरकार ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से कहा है कि पाकिस्तान के खिलाफ हमलों के लिए टीटीपी और अन्य आतंकवादी समूहों को अपनी भूमि का इस्तेमाल न करने दे।
बलूचिस्तान में मारे गए पाक सेना के छह जवान