जोरहाट : जोरहाट जिले के लाहदोईगढ़ पुलिस चौकी अंतर्गत सटाई में सोमवार का दिन लोगों के लिए दहशतभरा रहा। इलाके में तेंदुए के हमले से दर्जनभर लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार सटाई स्थित वर्षा वन अनुसंधान केंद्र परिसर में आज सुबह अचानक तेंदुए ने हमला बोल दिया। इसके बाद उक्त केंद्र के परिसर में स्थित आवासीय इलाके में भी तेंदुए का आतंक बरपा। देखते ही देखते आवासीय इलाके के एक ही परिवार के तीन सदस्यों को तेंदुए ने घायल कर दिया। बताया जाता है कि इस आवासीय इलाके में रहने वाले तथा केंद्र के कर्मचारी भवेश कलिता की पत्नी मौसमी बोरा, उनकी पुत्री परिस्मिता बोरा (11)और जितेन बोरा (8) तेंदुए के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। साथ ही रूमी गोगोई नामक अन्य एक महिला को भी तेंदुए ने घायल कर दिया। स्थानीय लोगों ने तेंदुए के हमले में घायल सभी को जोरहाट मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में चिकित्साधीन कराया गया। साथ ही इसकी जानकारी वन विभाग को   दी गई। वन विभाग की चार सदस्यीय एक टीम मौके पर पहुंची व अंचल के आवासियों से पूछताछ करने के बाद तेंदुए को खदेड़ने की तैयारी करने लगे। इसी बीच तेंदुए ने वन विभाग की टीम पर भी हमला कर दिया। इस हमले में विभाग के दो जवान घायल हो गए। तेंदुए के हमले में घायल विभाग के जवान प्रबोध सैकिया और जीतुमणि बोरा को तुरंत अस्पताल भेजा गया। इसके बाद तेंदुए का आतंक थम गया। वर्षा वन अनुसंधान परिसर से निकलकर तेंदुआ पास के गांव में घुस गया और गांववासियों पर हमला करने लगा। तेंदुए के हमले में सटाई घरफोलिया गांव की रेखा गोगोई, बोलेन गोगोई, सतेन गोगोई, मिनेश्वर लाहन, अनंत लाहन, विनोद लाहन, मिंटू लाहन, कनमाई लाहन और विजित गोगोई घायल हो गए। घायलों को चिकित्सा हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं वन विभाग की अन्य एक टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए वर्षा वन अनुसंधान केंद्र पहुंची। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए परिसर में घुस ही रहे थे कि इसी बीच तेंदुए ने विभागीय वाहन पर हमला बोल दिया। हमले में वन अधिकारी सुनील दत्त भी घायल हो गए। उन्हें भी चिकित्सा के लिए जेएमसीएच में भर्ती कराया गया। इस बीच तेंदुए को पकड़ने के लिए विभाग की एक बड़ी टीम मौके पर पहुंची। जानकारी मिली कि तेंदुए को बेहोश करने के लिए काजीरंगा नेशनल पार्क से एक विशेष दल जोरहाट पहुंचने वाला है, वहीं इलाके में एक ही तेंदुआ हमला कर रहा है या कई तेंदुएं वहां मौजूद है, इसको लेकर भी लोगों में संशय है। कुछ लोगों का मानना है कि एक ही तेंदुआ आज दर्जनों लोगों को घायल कर दिया , वहीं कइयों का मानना है कि अन्य तेंदुआ भी अंचल में मौजूद हैं। उल्लेखनीय है कि वर्षा वन अनुसंधान केंद्र से अब तक पांच तेंदुओं को पिंजराबद्ध किया गया है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अंचल में सैकड़ों तेंदुए मौजूद हंै। समय-समय पर इस अंचल में तेंदुए के हमले से पशुधन का नुकसान होने की खबर आती रहती है, वहीं इस केंद्र के पास स्थित जिस्ट के छात्रावास के पास भी कई छात्रों ने तेंदुए को विचरण करते देखा है। अंचल में तेंदुए के मुक्त विचरण को लेकर स्थानीय लोगों में भय का माहौल व्याप्त है।