डिजिटल डेस्क: आज ही के दिन यानी 2 जनवरी 1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने 'भारत रत्न' सम्मान को संस्थापित किया था।  शुरू में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का चलन नहीं था, कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा और खेल जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में असाधारण तथा उल्लेखनीय राष्ट्र सेवा करने वालों को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया जाता है।1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने इस सम्मान को संस्थापित किया था। शुरू में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का चलन नहीं था, लेकिन एक वर्ष बाद इस प्रावधान को जोड़ा गया। खेलों के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वालों को भारत रत्न से सम्मानित करने का प्रावधान भी बाद में शामिल किया गया।