राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के संविधान को जीवंत दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह समय के साथ बदलती जन-मानस की आशाओं और आकांक्षाओं को समाहित करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने संविधान में हुए 105 संशोधनों का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रकार से हमारा संविधान एक जीवंत दस्तावेज है जो समय के साथ बदलती हुई जन-मानस की आशाओं और आकांक्षाओं को समाहित करने में पूरी तरह सक्षम है।
जीवंत दस्तावेज