डिजिटल डेस्क: WHO के अनुसार, ‘द क्रैकेन’ सबसे तेजी से फैलने वाला ओमिक्रॉन का सबवेरिएंट है, जिसका अभी तक पता चला है,वहीं आधिकारिक तौर पर ओमिक्रॉन का एक और सबवेरिएंट XBB.1.5 पहले से ही अमेरिका में पकड़ बना चुका है। XBB.1.5 अब यह पूरे यूके में फैलना शुरू हो गया है,वहीं XBB.1.5 सब-वेरिएंट 29 देशों में फैल चुका है।सब-वेरिएंट XBB.1.5 के बारे में चिंता की बात यह है कि वर्तमान में अमेरिका में ये कैसे बढ़ रहा है इसका पता नहीं चल रहा,पहले से ही ब्रिटेन और दुनिया भर के अन्य देशों में देखा जा चुका है। WHO की डॉ. मारिया वान केरखोव ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि,‘हम यूरोप और अमेरिका के कुछ देशों में इसके विकास के बारे में चिंतित हैं,विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वोत्तर भाग में, जहां XBB.1.5 ने तेजी से अन्य सर्कुलेटिंग वेरिएंट को बदल दिया है,हमारी चिंता यह है कि यह वायरस जितना अधिक प्रसारित होगा, इसे बदलने के उतने ही अधिक अवसर होंगे,उन्का कहना हैं कि XBB.1.5 ओमिक्रॉन का ही एक सब-वेरिएंट है,हालांकि कोरोना के और भी वेरिएंट एक्टिव हो सकते हैं, क्योंकि वैश्विक स्तर पर सीक्वेंसिंग की उपलब्धता कम हुई है, उन्होंने कहा कि अभी हमारे लिए ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट को ट्रैक करना मुश्किल है।’पिछले हफ्ते 50 प्रतिशत मामले ‘क्रैकेन’ के कारण हुए थे,वहीं XBB.1.5 फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, स्पेन, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और भारत सहित देशों में भी पाया गया है,विशेषज्ञ चिंतित हैं कि XBB.1.5 का तेजी से विकास बदलाव के कारण हो सकता है जो इसे लोगों को बेहतर ढंग से संक्रमित करने और टीकाकरण और पूर्व संक्रमण से सुरक्षा को चकमा देने में मदद करता है।वारविक यूनिवर्सिटी के वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर लॉरेंस यंग ने मेलऑनलाइन को बताया कि स्ट्रेन का उभरना एक ‘वेकअप कॉल’ है और यह ब्रिटेन में एनएचएस संकट को बढ़ा सकता है,उन्होंने यह भी कहा कि ‘XBB.1.5 वैरिएंट अत्यधिक संक्रामक है और न्यूयॉर्क में विशेष रूप से बुजुर्गों पर हावी हो रहा है,साथ ही इम्यूनिटी में कमी, ठंड के मौसम की वजह से घर के अंदर रहना और फेसमास्क न पहनना जैसे अन्य कारण भी अमेरिका में संक्रमण को बढ़ा रहे हैं।