डिजिटल डेस्क: असम-मेघालय सीमा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है,अब इस मामले में चीफ जस्टिस की बेंच सुनवाई कर रही है। सुनवाई में कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी हैं,जिसमें सरकार द्वारा तैयार एमओयू पर रोक का आदेश जारी किया गया था।असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद मामले पर एमओयू पर हाईकोर्ट के रोक लगाने के मामले को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस के सामने उठाया था,फ जस्टिस ने आश्चर्य जाहिर करते हुए पूछा कि हाईकोर्ट ने एमओयू पर रोक लगा दी है? तो आप कॉपी दें हम मेंशनिग के बाद मामले की सुनवाई करेंगे।हाल ही में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मार्च में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें 12 विवादित स्थानों में से कम से कम छह में सीमा का सीमांकन किया था, जिसकी वजह से अक्सर दोनों के बीच विवाद होता था। सीजेआई ने एसजी से पूछा हाईकोर्ट में एमओयू को किसने चुनौती दी थी,एसजी ने कहा कि कुछ नागरिकों ने, जिस पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। एसजी का कहना कि कोई सीमांकन नहीं किया गया है,बस एमओयू के तहत सब राजनीतिक फैसले लिए गए थे।याचिकाकर्ता की ओर से वकील ने कहा कि एमओयू संसद के अनुच्छेद 3 के अनुरूप नहीं है, जिसमें राज्यों की सीमा को लेकर प्रक्रिया और नियम हैं,ऐसे में एओयू पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि 12 क्षेत्रों में कोई सीमांकन दोनों राज्यों में नहीं है,ऐसे में एमओयू में तय किया गया कि विमर्श किया जाएगा,और यह एमओयू में 6 क्षेत्रों के लिए किया गया, लेकिन बाकी 6 पर कोई बात नहीं हुई, जहां विकास की ज्यादा आवश्यकता है।वकील का कहना हैं कि यह एक संवैधानिक मामला है,सीजेआई ने पूछा आखिर हाईकोर्ट ने रोक का आदेश कैसे दिया,सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हैं।
असम-मेघालय सीमा समझौते पर हाई कोर्ट के फैसले पर रोक