नई दिल्लीः यूक्रेन पर रूसी हमले के 316 दिन हो चुके हैं। रूस की सेना को यूक्रेन में कई जगहों पर हार का सामना करना पड़ा है। इस बीच पुतिन की खराब तबीयत की भी खबरें आती रहती हैं। ऐसे समय में रूस में एक नया नेता उभर रहा है। यह कोई और नहीं बल्कि पुतिन का रसोइया येवगेनी प्रिगोजिन है। येवगेनी को राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का उत्तराधिकारी बताया जा रहा है।  61 साल के येवगेनी उन कट्टरपंथियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, जो पुतिन की बढ़ती उम्र को यूक्रेन युद्ध में विफलता के लिए जिम्मेदार मानते हैं। साथ ही कट्टरपंथियों के बीच वो पुतिन से भी खतरनाक माने जाते हैं। पुतिन के सबसे करीबी येवगेनी रूस में सबसे पावरफुल होते जा  रहे हैं। येवगेनी यूक्रेन में जंग में मिल रही विफलताओं के लिए रूसी रक्षा मंत्रालय और रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू की खुलेआम आलोचना कर रहे हैं। पुतिन इसका विरोध भी नहीं कर रहे हैं। पुतिन के बिगढ़ते स्वास्थ्य को लेकर भी कई रिपोर्टें आ चुकी हैं। पुतिन के पार्किंसंस से लेकर कैंसर तक से पीड़ित होने की खबरें आई हैं। यानी पुतिन को अगर कुछ होता है तो येवगेनी रूस के राष्ट्रपति पद की दौड़ में सबसे आगे होंगे। येवगेनी अपने वैगनर ग्रुप के भाड़े के सैनिकों को रूस की सबसे इफेक्टिव फाइटिंग फोर्स के रूप में पेश कर रहे हैं। यानी वो एक तरह से रूस की सेना को कमतर कहते हुए उसे चुनौती दे रहे हैं। ज्यादातर राजनेताओं की तरह येवगेनी भी अपनी महत्वाकांक्षा को कम महत्व देते हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि मैं लोकप्रिय होने के लिए प्रयास नहीं करता। मेरा काम अपनी मातृभूमि के प्रति कर्तव्य को पूरा करना है। राजनीति में जाने की बात तो दूर है, मेरी कोई राजनीतिक दल बनाने की योजना ही नहीं है। हालांकि, रूस में उनके उभार और क्रेमलिन में उनका बोलबाला होने की बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।