गुवाहाटी : गुवाहाटी से लौट रहे झारखंड कांग्रेस के तीन विधायकों की कार से बंगाल पुलिस ने 48 लाख रुपए नकद बरामद करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को गिराने की कथित साजिश रचने के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी, राजेश कसेप और नमन विशाल कांगरी को समन जारी किया है। बंगाल पुलिस ने नकदी के साथ गिरफ्तार किए इरफान अंसारी को 13 जनवरी को, राजेश कसेप को 16 जनवरी को और विशाल कांगड़ी को 17 जनवरी को ईडी ने पूछताछ के लिए झारखंड ईडी मुख्यालय के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि तीनों विधायकों को पिछले साल 30 जुलाई को एक लग्जरी गाड़ी में कोलकाता से झारखंड जाते समय हावड़ा पुलिस ने नकदी सहित गिरफ्तार किया था। तीनों विधायकों पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भाजपा से 48 लाख रुपए एडवांस लिए और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली जेएमएम-कांग्रेस और राजद सरकारों को उखाड़ फेंकने की साजिश रची थी। विधायकों की गिरफ्तारी के बाद झारखंड कांग्रेस के एक अन्य विधायक जयमंगल सिंह ने रांची के अरगोड़ा थाने में असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में जयमंगल सिंह ने यह भी आरोप लगाया था कि एक गिरफ्तार विधायक ने उन्हें भाजपा की साजिश में शामिल होने के लिए 10 करोड़ रुपए देने की पेशकश की थी। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय ने शिकायतकर्ता विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह से भी 24 दिसंबर में पूछताछ की थी। हालांकि, गिरफ्तार विधायकों ने दावा किया कि वे मतदाताओं के लिए उपहार के रूप में साड़ियां खरीदने के लिए पैसे लाए थे। बंगाल पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी के बाद विधायकों ने कोलकाता उच्च न्यायालय में मामला दायर किया और अज्ञात कारणों से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की। ईडी ने आखिरकार मामला दर्ज कर 24 दिसंबर में विधायक जयमंगल सिंह से पूछताछ की थी।
ईडी ने झारखंड के तीन विधायकों को भेजा समन