गुवाहाटीः असम सहित देश के अन्य भागों से 34 पत्रकार बांग्लादेश से मधुर संबंध बनाने के लिए पड़ोसी देश बांग्लादेश की यात्रा पर हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निमंत्रण पर बांग्लादेश की यात्रा पर गए भारतीय पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल में ‘आमार असम’ समाचार पत्र के मुख्य संपादक मनोज कुमार गोस्वामी सहित 9 वरिष्ठ पत्रकार शामिल हैं। भारतीय पत्रकार छह जनवरी को कोलकाता से रवाना हुए और 10 जनवरी तक बांग्लादेश सरकार के कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्री  और अवामी लीग के संयुक्त महासचिव डॉ हसन महमूद के साथ हुए एक बैठक में ‘आमार असम’ के मुख्य संपादक मनोज कुमार गोस्वामी ने रविवार को कहा कि बांग्लादेश ने असम और पूर्वोत्तर की अर्थव्यवस्था में योगदान दिया है। बांग्लादेश के केंद्रीय मंत्री को मुख्य संपादक गोस्वामी ने यह भी बताया कि चट्टग्राम नदी बंदरगाह को समुद्री बंदरगाह में उन्नत करने से असम समेत पूर्वोत्तर के व्यापार पर भारी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि बांग्लादेश की इस पहल से भारत की जीडीपी को बढ़ावा मिलेगा। बाद में चट्टगांव प्रेस क्लब में भारतीय पत्रकारों के साथ विचारों का आदान-प्रदान हुआ। सूचना एवं प्रसारण मंत्री डॉ. हसन महमूद ने कहा कि भारतीय पत्रकारों की बांग्लादेश यात्रा से दोनों देशों के संबंधों को नया आयाम मिलेगा। मंत्री ने कहा कि कांटेदार तार की बाड़ भारत और बांग्लादेश के नागरिकों के बीच रिश्तेदारी के बंधन को नहीं तोड़ सकती हंै। विरासत, संस्कृृति, भाषा और संस्कृृति के बीच यह आध्यात्मिक बंधन हजारों वर्षों से अस्तित्व में हैं और भारत के लोगों ने मुक्ति संग्राम के दौरान हमारे कष्टों को झेला है। उस वक्त एक करोड़ से ज्यादा बांग्लादेशियों ने भारत में शरण ली थी। इसलिए कटीले तार की बाड़, सूचना कानून हृदय की रक्त वाहिकाओं के बंधनों को विभाजित नहीं कर सकती हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कर्णफुली नदी के तल पर बंगबंधु सुरंग और पहाभतली में यूरोपीय क्लब का दौरा किया जहां ब्रिटिश विरोधी आंदोलन के अग्रदूतों में से एक प्रीतिलता को मार दिया गया था।