लखीमपुरः लखीमपुर जिला प्रशासन ने मंगलवार सुबह से पाभो संरक्षित वनांचल में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आरंभ कर दिया। ऐतिहासिक पाभो संरक्षित वनांचल के प्रभावित क्षेत्र में जिला प्रशासन ने 600 से अधिक सुरक्षाकर्मियों के साथ 40 बुलडोजरों के सहयोग से महधूली में अभियान चलाया। मालूम हो कि इस अंचल के अतिक्रमणकारी प्रशासनिक अभियान से पहले ही क्षेत्र को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। प्रशासनिक टीम ने महधूली अंचल में सैकड़ों हेक्टर जमीन पर लहलहाते सरसों की फसल को नष्ट कर दिया। इसके साथ ही फिसरी, रास्ते-घाट, बागीचे में लगाए गए पेड़-पौधे आदि को भी नष्ट कर दिया गया। आज अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने के लिए जिला प्रशासन व वन संमंडल के सौजन्य से विशाल दल तैयार किया गया था। लखीमपुर संमंडल सहायक वन संरक्षक अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार प्रायः दो सौ हेक्टर जमीन को आज अतिक्रमण मुक्त किया गया। उल्लेखनीय है वर्ष 1941 में पाभो वनांचल को संरक्षित वनांचल के रूप में घोषित किया गया था। इस घोषणा के वक्त 4628.87 हेक्टर जमीन पाभो वनांचल के अधीन थी। इस वनांचल में अवैध रूप से रह रहे लोगों ने वन अधिकार कानून, 2006 के तहत आवेदन किया था, लेकिन संबंधित विभाग ने उनके आग्रह को ठुकरा दिया था। इसके बाद सरकार ने इस क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्णय लिया था। इस निर्णय के तहत दो पर्याय में अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाया जाएगा। आज के अभियान के बाद कल दूसरे पर्याय के तहत वनांचल के 250 हेक्टर प्रभावित जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए 299 घरों को तोड़ा जाएगा, वहीं आज अभियान के दौरान पाभो संरक्षित वनांचल में पत्रकारों को जाने से रोके जाने पर सचेतन लोगों के साथ ही आम्सू ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। आम्सू ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। आम्सू ने गुवाहाटी से दिल्ली तक सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की हुंकार भरी है, वहीं जिला वनसंमंडल प्राधिकारी एके देव चौधरी ने कहा कि पाभो संरक्षित वनांचल को पहले की तरह जंगली भैंसों के विचरण स्थल के रूप में परिवर्तित करने के उद्देश्य से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया। उल्लेखनीय है कि अभियान चलाने से पूर्व प्रशासन ने लोगों को आवास तोड़े जाने की चेतावनी दी थी। प्रशासन के निर्देश के बाद काफी संख्या में परिवार पहले ही अपने आवास को छोड़कर चले गए थे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस अभियान का विरोध भी किया, लेकिन मौके पर भारी संख्या में मौजूद पुलिस बल ने सभी को वहां से हटा दिया।
लखीमपुर : पाभो संरक्षित वन क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ चला बुलडोजर