गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने भोगाली बिहू के अवसर पर राज्यवासियों को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने आज यहां एक बयान में कहा कि मैं भोगाली बिहू के अवसर पर असम के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भोगाली बिहू या माघ बिहू के विभिन्न लोक रीति-रिवाजों ने असमिया संस्कृति और जीवन की आध्यात्मिक भावना को मजबूत किया है। इस बिहू उत्सव का संबंध प्राचीन सभ्यता और संस्कृति से है। यह लोक पर्व प्रकृति के साथ मनुष्य की निकटता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कृषि पर्व ने हमारी लोक संस्कृति को भी समृद्ध किया है। इस त्योहार में जीवन के सभी क्षेत्रों के लोग आनंद के साथ भोगाली का भोजन करके, मेजी की आग में अनिष्टकारी शक्तियों का नाश करके राष्ट्रीय पहचान को पुनर्जीवित करने का सपना देखते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस भोगाली के साथ कृषि अर्थव्यवस्था और कार्योन्मुखी चेतना का गहरा संबंध है। मुख्यमंत्री ने सभी से भोगाली बिहू के पावन अवसर पर नए उद्यमों के साथ राज्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी आग्रह किया। दूसरी ओर  राज्य सरकार ने माघ बिहू और टूसू पूजा के लिए क्रमशः 15 और 16 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश निर्धारित किया है। गौरतलब है कि पहले 14 और 15 जनवरी को अवकाश बताया गया था। 14 जनवरी को दूसरा शनिवार और 15 जनवरी को रविवार है। ऐसे में ये दो दिन राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए सामान्य अवकाश के दिन हैं। इसलिए दो दिनों की बिहू छुट्टियां मूल रूप से इस साल सामान्य सरकारी छुट्टियों के कार्यक्रम में शामिल हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि इस साल माघ बिहू का कोई अलग अवकाश नहीं है। सोमवार 16 जनवरी को टुसू पूजा के लिए बंद रहेगा। इस बीच, वित्त विभाग के प्रधान सचिव समीर कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को एक नोटिस जारी कर अनधिकृत रूप से कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की। तदनुसार, अनधिकृत रूप से कार्यालय से अनुपस्थित रहने वाले सरकारी कर्मचारियों को अब उनके वेतन और भत्ते प्राप्त नहीं होंगे। किसी भी अनधिकृत अवकाश को सवैतनिक अवकाश जैसे अर्जित अवकाश, अर्द्धवेतन अवकाश या परिवर्तित अवकाश में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। वित्त विभाग के सूत्रों ने कहा कि राज्य सरकार के कई अधिकारी और कर्मचारी अनधिकृत रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं होते हैं। बाद में, इस अनधिकृत अनुपस्थिति को अवकाश में बदल दिया जाता है और पूरे वेतन का भुगतान किया जाता है। इसलिए इस बार सरकार ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त हो रही है।