गुवाहाटी : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 50 लाख रुपए की रिश्वतखोरी कांड में एक अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक (आईआरएसई-1997), गुवाहाटी, ठेकेदार, हवाला ऑपरेटर, रिश्वत देने वाले आदि सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में जितेंद्र पाल सिंह (आईआरएसई-1997) एडीआरएम, गुवाहाटी, श्यामल कुमार देव (ठेकेदार, जिसने पैसे की व्यवस्था की), हरि ओम (एडीआरएम का साथी), योगेंद्र कुमार सिंह (हरिओम के चालक), दिलावर खान, (हवाला दुकान के खजांची), विनोद कुमार सिंघल उर्फ मुकेश (हवाला दुकान के मालिक) और संजीत राय (हवाला कैशियर) शामिल हैं।
गौरतलब है कि एक अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम), गुवाहाटी और ठेकेदारों आदि सहित मामले से जुड़े अन्य कई व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। यह आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने अनुबंध देने के लिए निजी ठेकेदारों को अनुचित लाभ दिलाने के इरादे से माप पुस्तिका तैयार करना, चालू खाते के बिलों की प्रक्रिया, लंबित बिलों के भुगतान की शीघ्र रिहाई और उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे में चल रहे निर्माण कार्य के साथ-साथ सुरक्षा जमा और बैंक गारंटी की शीघ्र रिहाई के लिए साजिश रची थी। यह भी आरोप लगाया गया कि एडीआरएम, गुवाहाटी मुख्य अभियंता, निर्माण, न्यू जलपाईगुड़ी, उसीरे के पद पर तैनात होने के दौरान विभिन्न ठेकेदारों से अनुचित लाभ की मांग करने और स्वीकार करने के आदी थे।
ऐसा भी आरोप था कि एक ठेकेदार दिल्ली में एक हवाला ऑपरेटर से अपने परिचित के माध्यम से एडीआरएम, गुवाहाटी को रिश्वत की सुपुर्दगी की सुविधा प्रदान कर रहा था। शिकायत मिलने पर सीबीआई ने जाल बिछाया और एडीआरएम, गुवाहाटी के एक परिचित को हवाला चैनल के माध्यम से उक्त एडीआरएम की ओर से 50 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। एडीआरएम के साथ इस मामले से जुड़े कई अन्य लोग भी पकड़े गए हैं। दिल्ली, नरोरा, गुवाहाटी, सिलीगुड़ी और अलीगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर एडीआरएम और अन्य के परिसरों में तलाशी ली गई, जिसमें 47 लाख रुपए (लगभग) नकद, लैपटॉप और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किए गए।