डिजिटल डेस्क: चीन समेत लगभग कई देशों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं,वहीं भारत में भी कोरोना के नए वैरिएंट के मरीज सामने आया हैं,इसीके साथ कोविड वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है, हालांकि भारत में हालात कंट्रोल में हैं,और साथ ही केंद्र सरकार ने कोविड वैक्सीन को लेकर बड़ा फैसला किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक लोगों में बूस्टर की मांग या कोविड टीकों की तीसरी खुराक नहीं लेने के कारण केंद्र सरकार के अभी और अधिक कोविड वैक्सीन ख़रीदने की संभावना नहीं है,केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभी वैक्सीन खुराक खरीदने की कोई योजना नहीं है क्योंकि देश भर में मांग में बहुत अधिक वृद्धि नहीं हुई है।चीन के डर के बावजूद, अपनी तीसरी खुराक लेने के पात्र लोगों में से कई इसे लेने के लिए आगे नहीं आए हैं,उन्होंने यह भी  कहा कि हम वर्तमान में प्रतीक्षा कर रहे हैं और यदि भविष्य में मांग में वृद्धि होती है तो और खरीदने का विकल्प हमेशा बना रहता है,अभी के लिए हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है।

अब तक कोविड वैक्सीन की खुराक के अपने बूस्टर शॉट्स लेने के पात्र लगभग 28 प्रतिशत लोगों ने ही इसे लिया है,अध्ययनों से पता चला है कि वैक्सीन शॉट से प्राप्त इम्युनिटी आमतौर पर चार से छह महीने में कम हो जाती है,सरकार के कोविन डैशबोर्ड के अनुसार,केवल 223 मिलियन लोगों ने बूस्टर शॉट की खुराक ली है।

केंद्र ने पिछले साल 10 जनवरी से डॉक्टर की सलाह पर स्वास्थ्य देखभाल और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए कोविड -19 वैक्सीन की तीसरी खुराक खोली,इसे 10 अप्रैल से सभी वयस्कों के लिए खोल दिया गया था।

 मौजूदा तीसरी खुराक की मांग के अनुसार, टीकाकरण की दर में किसी भी वृद्धि को पूरा करने के लिए पर्याप्त वैक्सीन इन्वेंट्री भी है,अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल 1.6 करोड़ वैक्सीन डोज उपलब्ध हैं।

वहीं सरकार बूस्टर खुराक के कवरेज को बढ़ाने के तरीकों पर विचार कर रही है, टीकाकरण पर इसका विशेषज्ञ पैनल भी दुनिया भर में संक्रमण की बढ़ती लहर के खिलाफ दूसरी बूस्टर खुराक की खूबियों पर विचार कर रहा है,देश में भले ही कोरोना के मामले में कोई वृद्धि नहीं हुई हो,अध्ययनों से यह भी पता चला है कि एक चौथा डोज गंभीर बीमारी को दूर करने में मदद करता है।फिलहाल फोकस तीसरी वैक्सीन खुराक कवरेज बढ़ाने पर है।