भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच जहां लोगों के पास खुद के लिए समय नहीं है, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बदलाव की गाथा लिखते हैं। सोनीपत के गांव लाठ निवासी मोहित ढोचक इसके प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। इन्होंने आने वाली पीढ़ी के सुनहरे भविष्य के लिए बिगड़ते पर्यावरण को सुधारने का बीड़ा उठाया है। किसान परिवार के इस लाडले ने देशवासियों में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने के लिए महाराष्ट्र तक साइकिल यात्रा की। खास बात यह है कि अपनी साइकिल यात्रा के दौरान मोहित ने दोनों समय का खाना भी लोगों से मांगकर ही खाया।

जहां भी जाते लोगों को पौधरोपण का महत्व बताते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करते। गांव लाठ का यह युवा देश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बना हुआ है। 5 मार्च,2000 को किसान जयभगवान के घर जन्मे मोहित बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रहे हैं। मोहित बताते हैं कि करीब चार साल पहले उन्होंने ट्रीमेन देवेंद्र सूरा को निस्वार्थ भावना से पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करते देखा तो मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा पैदा हुआ। जिसके बाद पर्यावरण मित्र के रूप में पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करना शुरू किया।

इन सालों के दौरान अनेक स्थानों पर पौधरोपण किया। यही नहीं अपने दोस्तों और युवाओं को पौधरोपण के लिए प्रेरित किया, ताकि बिगड़ते पर्यावरण संतुलन को सुधारने के लिए अपनी भूमिका निभा सके। मोहित ने ट्रीमैन के साथ मिलकर प्रदेश में लगाए गए ऑक्सीजन बाग सहित विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण में अपनी भूमिका निभाई। पर्यावरण संरक्षण की मुहिम में मोहित अब तक हजारों युवाओं को जोड़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी पर्यावरण के सुधार के लिए यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा। मोहित से प्रेरणा लेकर अनेकों लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आए हैं।

पर्यावरण संरक्षण के लिए मोहित कुछ अलग करना चाहते थे। इसके लिए मोहित ने महाराष्ट्र तक साइकिल यात्रा निकाल लोगों को जागरूक करने का मन बनाया। 13 नवंबर 2022 की शाम को मोहित ने पिता जयभगवान का आशीर्वाद लेकर साइकिल यात्रा शुरू की। 1400 किलोमीटर की साइकिल यात्रा के लिए मोहित ने न पैसे लिए और न खाना। मोहित सोनीपत से खरखौदा, झज्जर के रास्ते राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात होते हुए महाराष्ट्र पहुंचे। वह रास्ते में जहां से निकलते वहां लोगों को पर्यावरण का महत्व समझाते हुए पौधरोपण करने के लिए प्रेरित करते। उनकी साइकिल यात्रा के उद्देश्य को जानकर अनेकों स्थानों पर लोगों ने उनका स्वागत किया। यही नहीं पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण करने का भी वादा किया।