माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने और 11 देशों में 4 लाख 35 हजार किलोमीटर पैदल यात्रा करने वाले युवाओं का जत्था टीकमगढ़ पहुंचा। जहां युवाओं ने कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी से मुलाकात की। इस दौरान युवाओं ने विश्व शांति और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को लेकर निकाली जा रही अपनी पैदल यात्रा के बारे में जानकारी दी। विश्व पदयात्री गोविंदानंद, महेंद्र प्रताप और जितेंद्र प्रताप ने बताया कि 1995 से वे इस अभियान से जुड़े थे।

अब तक 11 देशों में पैदल यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि डेन्जर्स एडवेंचर्स स्पोट्स लांगेस्ट वर्ल्ड टूर बाई ऑन फुट जर्नी के माध्यम से अब तक विश्व के 11 देशों में 4 लाख 35 हजार किमी की विश्व पदयात्रा हमारी टीम कर चुकी है। विश्व शांति विश्व पदयात्रा के दौरान वर्ष 2018 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की यात्रा सफलता पूर्वक पूरी की। माउंट एवरेस्ट की यात्रा करते समय हमने अपने एक साथी अशोक कुमार को वहीं खो दिया। इस पदयात्रा के दौरान अब तक हमने 14 करोड़ 50 लाख पौधों का पौधरोपण भी कराया है।

उन्होंने बताया कि विश्व पदयात्रा का मूल्य उद्देश्य विश्वशांति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण संरक्षण, वन संरक्षण, वन्य जीव संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, स्वच्छ भारत, कोरोना कोविड-19, नशा उन्नमूलन है। विश्व पदयात्रा दल में शामिल गोविंदानंद ने बताया कि अब तक हमारी टीम देश के सभी प्रदेशों की विश्व शांति विश्व पदयात्रा करते हुए उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों की पदयात्रा करने के बाद देवभूमि उत्तराखंड के समस्त 13 जनपदों की पदयात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा राजस्थान के 33 जनपदों की यात्रा कर मप्र के 14 जिलों की यात्रा कर चुके हैं।

1980 में शुरू हुई थी पैदल यात्रा : पदयात्री जितेंद्र प्रताप ने बताया कि विश्व शांति विश्व पदयात्रा की शुरुआत 30 जुलाई 1980 को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी निवासी अवध बिहारी लाल ने शुरू की थी। वर्ष 1995 से इस टीम में हम सभी लोग जुड़े। अब इस टीम में 20 सदस्य है। इस विश्व शांति विश्व पदयात्रा का नाम गिनीज बुक, लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज है।