डिजिटल डेस्क: 23 जनवरी 2023 को भारतीय नौसेना को कलवारी श्रेणी की पांचवीं पनडुब्बी वागीर के परिचालन की शुरुआत (कमीशन) कि जाएगी। अधिकारियों का कहना हैं कि भारत में इन पनडुब्बियों का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) मुंबई द्वारा मैसर्स नेवल ग्रुप, फ्रांस के सहयोग से किया जा रहा है। कलवारी श्रेणी की चार पनडुब्बियों को पहले ही भारतीय नौसेना में शामिल किया जा चुका है,उन्का कहना हैं कि  इस समारोह में नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार मुख्य अतिथि होंगे। 

12 नवंबर 20 को लॉन्च की गई ‘वागीर’ पनडुब्बी को अब तक की सभी स्वदेशी निर्मित पनडुब्बियों में सबसे कम निर्माण समय में पूरा होने का गौरव प्राप्त है,समुद्री परीक्षणों की शुरुआत करते हुए इसने 22 फरवरी को अपनी पहली समुद्री यात्रा की और कमीशन से पहले यह व्यापक स्वीकृति जांच तथा सख्त और चुनौती वाले समुद्री परीक्षणों की एक श्रृंखला से गुजरी, मैसर्स एमडीएल ने 20 दिसंबर 2022 को इस पनडुब्बी को भारतीय नौसेना के सुपुर्द किया गया हैं।

वागीर भारत के समुद्री हितों को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय नौसेना की क्षमता को बढ़ावा देगा और  यह सतह-विरोधी युद्ध, पनडुब्बी-रोधी युद्ध, खुफिया जानकारी एकत्र करना, माइन बिछाने और निगरानी मिशन सहित विविध मिशनों को पूरा करने में सक्षम है। ‘द सैंड शार्क’ (वागीर) ‘चुपके और निडरता’ का प्रतिनिधित्व करता है, दो गुण जो एक पनडुब्बी के लोकाचार के पर्याय हैं। वागीर को शामिल करना भारतीय नौसेना को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है, और साथ ही एक प्रमुख जहाज और पनडुब्बी निर्माण यार्ड के रूप में एमडीएल की क्षमताओं को भी दर्शाता है।