कोकराझाड : कोकराझाड़ के बडोफा नगर स्थित बीटीसी सचिवालय में रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए बीटीसी प्रमुख प्रमोद बोडो ने कहा कि बीटीसी की पूर्व  सरकार के समय में हुए घोटालों की जांच आज 15 महीने बाद संपन्न हो गई। जांच से पता चला कि बीटीसी में बीपीएफ सरकार ने कुल 1,023.20 करोड़ रुपए का घोटाला किया और कुछ फाइलें आज भी गायब हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हमने गायब हुए फाइलों को भोगाली बिहू के पहले जमा करने को कहा था, जिसमें से कुछ फाइलें आईं और कुछ नहीं, जो फाइलें नहीं आई हैं, उन फाइलों  को लेकर हम मुकदमा दर्ज कराएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि हम कुछ दिनों बाद कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लेंगे कि  घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। कैबिनेट बैठक के बाद घोटाले में शामिल कुछ नेताओं और अधिकारियों को जेल जाने की नौबत आ सकती है।

बीटीसी को नुकसान पहुंचने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे वह कितने भी बड़े पद पर ही क्यों ना हो। निपकोन नामक जांच एजेंसी ने पंद्रह महीने तक बीटीसी के घोटाले की जांच की। अब देखना है कि इस घोटाले में कौन कौन सी बड़ी मछली फंसती है।