डिब्रूगढ़ : गणतंत्र दिवस के आयोजन में मात्र दो दिन शेष रह गए हैं, इसी कड़ी में आज सोमवार को ऊपरी असम की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए डिब्रूगढ़ स्थित पुलिस गेस्ट हाउस सभागार में असम के स्पेशल डीजीपी जीपी सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गइ,  इसमें ऊपरी असम के प्रायः सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, सेना, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, असम राइफल्स और केंद्रीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में गणतंत्र दिवस के मद्देनजर की जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही आपराधिक मामलों व अन्य विषयों के बारे में विस्तृत बातचीत की गई। इस बैठक में जीपी सिंह पूरे असम में बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश भी जारी किया।

उन्होंने पत्रकारों को बताया कि ऊपरी असम के प्रायः सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, सेना, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, असम राइफल्स व केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों के साथ एक बैठक हुई। बैठक कानून व्यवस्था के साथ सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ करने के बारे में बातचीत की गई, उनसे मिली जानकारियों के आधार पर आगे किसी प्रकार की कार्रवाई करनी है, उस पर निर्णय लिया गया। साथ ही ऊपरी असम के जिलों में हुए अपराधों की समीक्षा की गई। 2023 में किस तरह आपराधिक घटनाओं में कमी लायी जा सकती है, उस पर चर्चा की गई। इसके साथ ही ऊपरी असम में जो ऑयल सेक्टर के पंप लाइन  है, उन पाइप लाइनों से तेल चोरी की घटनाओ के बारे में जानकारी मिली है।

बीते एक महीने में इस मामले में बहुत-सी कार्रवाई की गई, जिसमें कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जीपी सिंह ने कहा कि  मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पुलिस ने बाल विवाह के खिलाफ एक एक्शन प्लान तैयार किया है। असम के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों, सीआईडी व स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों के साथ वर्चुअल रूप से बातचीत करते हुए निर्देश दिया गया कि जो तथ्य अभी तक मिले है उसका सत्यापन  करें, आने वाले दिनों में बाल विवाह के खिलाफ पुलिस अभियान शुरू उन्होंने कहा कि आज जितनी भी एजेंसियों से बात चीत हुई  हैं, उनके पास अल्फा को लेकर किसी भी प्रकार की इनपुट नहीं है। फिर भी सभी को अलर्ट रहने को कहा गया है। कारण कि पहले भी कही न कही घटना हुई है, लेकिन ऊपरी असम ही नहीं पूरे असम में ऐसी कोई भी इनपुट नहीं मिली है।