डिजिटल डेस्क: दक्षिण भारत प्रचार सभा के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ CBI ने धोखाधड़ी और क्रिमिनल कॉन्सपरेसी जैसी  गंभीर आरोप लगाकर प्राथमिकी दर्ज किया है,उन पर संस्था के धन के दुरुपयोग करने का उन पर संस्था के धन के दुरुपयोग करने का आरोप भी लगा है आरोप लगा है। CBI ने यह भी आरोप लगाया है कि मानव संसाधन और विकास मंत्रालय की ओर से जारी किए गए फंड्स का दुरुपयोग किया है,निरालकट्टी उस वक्त डीबीएचपीएस के चीफ थे।

CBI ने स्टेटमेंट दिया है कि ‘सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच जो कि मदुरई में है ने पिछली साल 28 फरवरी से प्राथमिक जांच शुरू की थी,यह जांच उन्होंने नीता प्रसाद जो कि एजुकेशन मिनिस्ट्री में जॉइंट सेक्रेटरी हैं और विजिलेंस अधिकारी हैं की शिकायत करने पर शुरू की थी।’CBI ने यह भी बाताया कि प्राथमिक जांचमे ही पता चल गया कि डीबीएचपीएस के फंड्स में 2004-2005 और 2016-17 जिसमें निरालकट्टी के पिता जो कि अब नहीं रहे और अन्य लोग भी शामिल रहे हैं।

प्राथमिकी में लिखा है कि, ‘प्राथमिक जांच से यह भी पता चला कि हिंदी को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को मानदेय के भुगतान के लिए केंद्र द्वारा जारी अनुदान डीबीएचपीएस, डीबीएचपीएस, कर्नाटक का नियंत्रण धारवाड़ द्वारा बी.एड कॉलेजों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों, क्लर्कों और चपरासी को वेतन के भुगतान के लिए उपयोग किया गया था।’