डिजिटल डेस्क: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मिस्र के साथ हमारे संबंध और मजबूत होंगे,इस दौरान उन्होंने कहा कि आतंकवाद को मानवता के लिए गंभीर खतरा बताया,उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद को लेकर भारत और मिस्र चिंतित हैं।प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि सीमा पार आतंकवाद को नियंत्रित करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।कोरोना के दौरान हमने दोनों देशों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मिलकर काम किया है,उन्होंने कहा कि जॉइंट एक्सरसाइज ट्रेनिंग और कैपिसिटी बिल्डिंग के निर्माण में वृद्धि हुई है। कोरोना और यूक्रेन संकट के कारण बाधित हुई आपूर्ति श्रृंखला पर भी चर्चा की,प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत और मिस्र विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से हैं। 

प्रधानमंत्री आगे कहा कि हमारे बीच कई हजारों वर्षों का अनवरत नाता रहा है,चार हजार वर्षों से भी पहले, गुजरात के लोथल पोर्ट के माध्यम से मिस्र के साथ व्यापार होता था और विश्व में विभिन्न परिवर्तन के बावजूद हमारे संबंधों में स्थिरता रही है। उन्होंने कहा कि मिस्र के राष्ट्रपति से बातचीत के बाद कहा कि हमने राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग के लिए दीर्घकालिक रूपरेखा विकसित करने का फैसला किया हैं। 

प्रधानमंत्री आगे कहा कि हमने रक्षा उद्योग सहयोग और आतंकवाद निरोधक सूचनाओं तथा खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान को और मजबूत करने का फैसला किया है,पीएम ने कहा कि हमने द्विपक्षीय व्यापार को अगले पांच साल में 12 अरब डॉलर पर पहुंचाने का फैसला किया है। आगे उन्होंने कहा कि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी का गणतंत्र दिवस में शामिल होना सम्मान की बात है,भारत और मिश्र विश्व की सबसे पुराने सभ्यता में से एक है। विश्व में विभिन्न परिवर्तन के बावजूद हमारे संबंधन में स्थिरता रही है, इन्हें बुलाना हमारे विशेष मित्रता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में दोनों देशों के बीच डाक टिकटों के आदान-प्रदान के साक्षी बने,पीएम मोदा ने कहा कि मैं मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और उनके डेलिगेशन का भारत में स्वागत करता हूं। गणतंत्र दिवस समारोह में मिस्र के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, ये पूरे भारत के लिए सम्मान और हर्ष का विषय है।