ग्वालपाड़ा : असम सरकार ने लंबे इंतजार के बाद संदिग्ध और घोषित विदेशियों को ग्वालपाड़ा जिले में नवनिर्मित विशेष हिरासत केंद्र (डिटेंशन सेंटर) में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हिरासत केंद्र को अब ट्रांजिट कैंप के रूप में बदल दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
सरकार ने असम में मिले संदिग्ध और घोषित विदेशियों को रखने के लिए ग्वालपाड़ा जिले के मटिया में पहला विशेष केंद्र बनाया है। इसमें 400 महिलाओं सहित 3,000 कैदियों को रखने की क्षमता है। ट्रांजिट कैंप के अधीक्षक (प्रभारी) शशि कुमार डेका ने बताया कि 68 कैदियों के पहले जत्थे को शुक्रवार को ग्वालपाड़ा जिला जेल से ट्रांजिट कैंप में ले जाया गया। इनमें 45 पुरुष, 21 महिलाएं, एक लड़की और एक लड़का शामिल हैं।
इस सुविधा से पहले, असम में छह ट्रांजिट कैंप थे, जिन्हें ग्वालपाड़ा, कोकराझार, जोरहाट, सिलचर, डिब्रूगढ़ और तेजपुर में मौजूदा जेलों के भीतर ही बनाया गया था। डेका ने बताया कि इन सभी 68 कैदियों को ग्वालपाडा जेल ट्रांजिट कैंप से स्थानांतरित किया गया। इन सभी को ‘डी’ (संदिग्ध) मतदाताओं के मामलों में विदेशी ट्रिब्यूनल (एफटी) द्वारा विदेशी घोषित किया गया था।